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ISSN 2292-9754

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04.19.2015

 
परिचय  
 
नाम : अर्चना पंडा
शिक्षा : इंजीनियरिंग एवं एम.बी.ए.
प्रकाशन : तुम्हारी अर्चना (२०१५), अपराजिता (२०१४), सृजनी- (२००७), प्रवासिनी के बोल, धूप-गंध-चाँदनी
यूट्यूब : आज फिर मैं गीत गाना चाहती हूँ- http://youtu.be/M-EYreueivE
मन बाग़ बाग़ होता है- https://www.youtube.com/watch?v=XT-3HTg5-TU
ऐसा छंद लिखें हम - https://www.youtube.com/watch?v=Ik8E0XNl7EU
मेरे चारों धाम तुम्ही हो - https://www.youtube.com/watch?v=utkX5GHPQzE
औरत - https://www.youtube.com/watch?v=v-i4eAvPxTc
दहेज़ -- https://www.youtube.com/watch?v=OiT4-RhOWnI
नौकरी की टोकरी - https://www.youtube.com/watch?v=b9W1j5NCy9s
हिंदी - https://www.youtube.com/watch?v=OPQ3ihoZsjo
मेट्रीमोनी - https://www.youtube.com/watch?v=7kJ7nuV8wJc
प्रोत्साहन शब्द : "सन फ्रांसिस्को से आई अर्चना पांडा की आवाज़ एक विद्रोह है" - पद्म-भूषण गोपाल दास नीरज जी।
"आज अर्चना पांडा की कविता सुन कर आँखों में आंसू आ गए .. यही है कविता की आज की वाचिक परंपरा ..." सुप्रसिद्ध कवि उदय प्रताप सिंह जी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान
अर्चना जी कि कवितायेँ सुनकर लगा मानो जो प्रवाह, जो उनके भीतर कि छलकन है , जो उनके हृदय के धड़कन के अंदर समायी हुयी है वो उनके कविता में देखने को मिली , वो चिंतनशील कवयित्री भी हैं और भावुक भी, भावना और चिंतन का सुन्दर समन्वय उन्होंने अपने कविताओं में किया है| हमने ये देखा कि किस प्रकार से उनकी भाव-भूमि , उनकी जो चिंता प्रवाह है वो दोनों ही उनमे सिमट कर आयी हैं उनके सुनाने का जो ढंग है , सुनाने कि जो अदायगी है वो इतनी मधुर, इतनी अच्छी , इतनी प्यारी है कि हमें लगता है अगर वो हिंदुस्तान के अंदर होतीं. इन दिनों और वहाँ जैसे कवि-सम्मलेन होते हैं उन मंचों पर होतीं तो आज के प्रथम पंक्ति कि उत्तम कवयित्रियों में होतीं । लेकिन अमेरिका में रहकर भी वो इस प्रकार से हिंदी कि अलख जगा रही हैं , साहित्य को अपना योगदान दे रही हैं , ये अपने आप में कम महत्वपूर्ण नहीं है । मैंने ये महसूस किया है कि वे निरंतर गतिशील हैं |मैं उनको बहुत बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ , इसी प्रकार से निरंतर लिखती रहें , निरंतर समाज के दर्द को बाँटती रहें और मन की धड़कनों को एक नया स्वर देती रहें .... कुल मिलकर मैं उन्हें बहुत बहुत आशीर्वाद देता हूँ, बहुत बहुत शुभ कामनाएं देता हूँ और इच्छा करता हूँ कि निरंतर माँ सरस्वती उनपर ये कृपा बनाये रखें और वो इसी प्रकार लिखती रहें! - कुँवर बेचैन जी , हिंदी साहित्य के सुविख्यात कवि एवं साहित्यकार
अर्चना जी आपको पढने का अर्थ है रोना.... आपकी कविता पढ़कर मुझे बहुत रोना आया है। मै ओज का कवि हूँ पर आज आपको पढ़ कर रोया....क्यों.....क्या लिखूँ ...... आपको मेरी असंख्य शुभकामनायें...
- हरी ओम पंवार जी, भारत के सर्वश्रेष्ठ ओज के कवि
"अर्चना पांडा की कविता की तारीफ करूँ या उनके अभिनय की, गायन की तारीफ करूँ या उनके नृत्य की, मंच सञ्चालन की तारीफ करूँ या उनके रेडियो उद्घोषक स्वरूप की। मेरी समझ में नहीं आता कि अर्चना के किस स्वरूप को रेखांकित किया जाये। प्रतिभा कूट-कूट के भरी है इस व्यक्तित्व में। 2012 में पहली बार मिला था अर्चना से लखनऊ में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय साहित्य समारोह में. संयोग से उसका सञ्चालन भी मैंने ही किया था। अर्चना के काव्य पाठ से मैं ही नहीं पद्मभूषण नीरज जी तक बहुत प्रभावित हुए थे। ईश्वर कृपा से मेरी बेटी-दामाद भी अगले वर्ष कैलिफोर्निया(अमेरिका) पहुँच गए। अर्चना का सान्निध्य मिला उन्हें, मेरी भी निकटता बढ़ी। अर्चना के व्यक्तित्व के अनेक पहलुओं से भी परिचित हुआ। अर्चना ने पहले तो सामाजिक मुद्दों पर ही कवितायेँ लिखी फिर उन्होंने शृंगार को अपनी कविताओं का विषय बनाया। उन्होंने अपनी शृंगारिक कविताओं में कई ऐसे प्रतीकों को भी माध्यम बनाया जो शायद शृंगारिक विषय में पहली बार प्रयोग में आये हों। अर्चना पांडा की कविताओं को मैंने अब तक जितना जाना और समझा है, उसके आधार पर कह सकता हूँ कि भारत के बाहर रहकर अपनी क़लम के माध्यम से हिन्दी का परचम फहराने वालों की आज अगर कोई सूची बनायी जाये तो अर्चना पांडा को शुमार किये बिना वो अधूरी ही रहेगी।" - डॉ. कमलेश द्विवेदी, भारत के प्रसिद्ध हास्य व्यंग्य कवि
"मैं श्रीमती अर्चना पांडा को अच्छी तरह जानता हूँ । हिंदी काव्य मंच की यह बहुत प्रतिष्ठित स्वर कोकिला कही जाती हैं । इनकी रचनाएँ मैंने व्यक्तिगत रूप से सुनी हैं ... बहुत प्रभावी है जो जन मानस को जन आंदोलित करती है। मैं इनके नाम की अनुशंसा करता हूँ।" - विष्णु सक्सेना जी, भारत के सर्वश्रेष्ठ गीतकार
"प्रिय अर्चना, आपकी अनुभूति और कल्पना को जब कुशल अभिव्यक्ति का संयोग प्राप्त हो जाता है तो मनमोहक और सम्पूर्ण कविताओं की रचना होती है। आप जैसी कवयित्री बड़े इंतज़ार के बाद हिंदी काव्य आकाश में एक चमकीले नक्षत्र की तरह उदित होती है, और अपनी आभा से दीप्त, सबसे अलग नज़र आती है। मैं हिंदी जगत को बधाई देती हूँ कि उसे अर्चना पांडा जैसी कवयित्री प्राप्त हुई है। ..शब्द असमर्थ .... प्रशंसा बौनी...ऐसे ऐसे गीत लिख रही हैं आप......इसी तरह रहिये....आप अलग सबसे अलग हैं, आपका भविष्य एक महान रचनाकार के रूप में स्वीकृति और परिचय। अशेष शुभकामनाएँ।" - सरिता शर्मा जी, भारत की सुविख्यात हिंदी कवयत्री
"आज के समय में हिंदी कि कविता, हिंदी का शिल्प, हिन्द का संवाद, एक अहिन्दी भाषी बेटी द्वारा किया जाना न सिर्फ, सराहनीय है बल्कि आशीर्वाद, प्रोत्साहन और स्नेह के योग्य है। इतनी दूर बैठ कर, इतने अलग तरीके के परिवेश में जीकर भी एक कवयित्री अपने अंतर को, अपने मर्म को, अपनी संवेदना को किस स्नेह के साथ, किस संवेदना के साथ, और किस सार्थकता के साथ साँझा कर रही है ... हिंदी कि इस नयी युवतम पीढ़ी कि कवयित्रियों में सर्वाधिक महत्व के साथ इंटरनेट पर सुनी जाने वाली और चाही जाने वाली कवयत्री अर्चना पांडा को मेरी हार्दिक शुभ कामनाएँ और बहुत बहुत आशीर्वाद!" - कुमार विश्वास जी, भारत के प्रसिद्ध कवि, आम आदमी पार्टी के विख्यात नेता , यूथ आइकन
दैनिक भास्कर -
"अर्चना पांडा की कविता ने पूरे सदन को मंत्र मुग्ध कर दिया"।
अमर उजाला -
"अंतर रास्ट्रीय कवि सम्मलेन समारोह के आरम्भ में सेन फ्रांसिस्को से आई अर्चना पांडा ने सुन्दर कविता पाठ किया"।
सम्मेलनों/कार्यशालाओं
में प्रतिभागिता
:
2000 से आज तक अमेरिकाnएवं कनाडा के अनेक शहरों में काव्य पाठ - बे-एरिया, डेट्रॉइट, टेक्सास, केन्टकी, फ़िलेडैल्फ़िया, न्यू यॉर्क, वाशिंगटन, सियाटेल, लॉस एंजेल्स, न्यू-जर्सी, एटलांटा, शिकागो, क्लीवलैंड, टोरंटो, वेंकुवर, इत्यादि।
सम्मान/पुरस्कार : लखनऊ के अखिल भारतीय कविता पीठ से गोपाल दस नीरज जी के द्वारा "महादेवी वर्मा" सम्मान से सम्मानित
अमेरिका के सियाटेल स्थित प्रतिध्वनि संस्था से सम्मानित
वाशिंगटन एवं लॉस एंजल्स में सम्मानित
संप्रति : ओरेकल नामक कंपनी में सीनियर इंजीनियर के रूप में कार्यरत
अन्य : यू-ट्यूब पर अर्चना के हिंदी कविता के चैनल पर अर्चना की कविताओं के विडियो को "बारह लाख"- (1,217,034 views as on march 25, 2015) से अधिक लोगों ने देखा और सराहा है। अर्चना अमेरिका, यूरोप एवं भारत में इन्टरनेट एवं यू ट्यूब के ज़रिये बहुत प्रसिद्ध कवयित्री हैं। यह इस बात को भी प्रमाणित करता है की विदेशों में बसने वाले भी हिंदी के विकास में अपना भरपूर योगदान से दे रहे हैं।
अर्चना की कवितायेँ भारत के स्कूलों में पढाई जाती हैं -२०१३ में XSEEDS नामक संस्था ने अर्चना की दो कवितायेँ अपनी पाठ्यक्रम में सम्मिलित ्कीं। यह संस्था भारत के कई नामी विद्यालयों में हिंदी कोर्स के लिए पाठ्यक्रम उपलब्ध कराती है। अतएव अर्चना की दो कवितायेँ भारत के कई स्कूलों में पढाई जाती हैं । अर्चना ने अमेरिका में कई प्रसिद्ध आयोजनों में एंकरिंग/ संचालन किया है | अर्चना ने टी.वी. एवं रेडिओ पर भी एक सफल एंकर के रूप अपना नाम किया है | अर्चना को काव्य मंच पर गोपालदास नीरज जी, मुनव्वर राणा जी, कुँवर बेचैन जी, कुमार विश्वास जी जैसी प्रसिद्ध हस्तियों के साथ काव्य पाठ करने का गौरव प्राप्त हुआ है। अर्चना बे-एरिया के कई सामाजिक संस्थानों पर हिन्दी पढाती हैं | अमेरिका में हिन्दी के प्रचार में इन्होने बहुत योगदान दिया है |
सदस्य : विश्व हिंदी ज्योति, अंतरराष्ट्रीय हिंदी समिति, विश्व हिंदी न्यास
सम्पर्क : panda_archana@yahoo.com