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ISSN 2292-9754

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05.23.2017


इन दिनों

इन दिनों तुम सही वक़्त पर आते हो
मेरे बचे खुचे झड़ते बालों के लिए
रोज़ मोगरे का गजरा भी लाते हो
घंटों बतियाते हो
मुझको निहारते हो
सब कुछ बतलाते हो
और आज भी समझ नहीं पाते हो
मतलब मेरी इन ख़ाली उदास आँखों का
तब उदास थीं कि
तुमसे आस लगाए बैठी थीं
इनमें घर कर गए ख़्वाबों को पढ़ने की
और इन दिनों ख़ाली उदास हैं
क्यूँकि इनके ख़्वाब तुम्हारी संवेदना के साथ
बिखरते रहे
इन दिनों यह सिर्फ़
इस हस्पताल की ख़ाली दीवारों की तरह ख़ाली हैं
और तुम्हारे आने का नहीं
जाने का इंतेज़ार करती हैं
इन दिनों॥


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