मैं चुप हूँ
क्यूँकि सुन रही हूँ अभी
इस डर से नहीं कि शोर में
गुम हो जायेगी आवाज़ मेरी
मैं चुप हूँ
क्यूँकि नहीं चाहती कि आवाज़ मेरी
शोर का हिस्सा बन जाये
क्यूँकि फ़र्क होता है शोर में
आवाज़ के गुम होने
और उसका हिस्सा बनने में
मैं चुप हूँ
क्यूँकि बच्चा है कहकर
तुम बोलने तो दोगे
पर “नवजात है विषय” मेरे
कह कर,
कर दोगे मुझे अनसुना
मैं चुप हूँ
क्यूँकि पढ़ रही हूँ ज़िन्दगी को
दे रही हूँ उसके इम्तिहान
अनुभव से अलग हट कर कहने के लिये
जुटा रही हूँ अनुभव मैं
मैं चुप हूँ
क्यूँकि सुलझाने में लगी हूँ
पहेलियों से बुझे कुछ गूढ़ अर्थ
इसलिये नहीं कि गूँगी हूँ
मैं चुप हूँ
क्यूँकि सुन रही हूँ अभी।