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ISSN 2292-9754

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07.14.2016


ज़िन्दगी

आज जब भी देखा
मैंने खिड़की से बाहर झाँक कर
तब हर पल महसूस किया कि
ज़िन्दगी सच में
कितनी मुश्किल है!

क्योंकि खिड़की के उस तरफ़ -
कार्यरत थे
निचले तबक़े के कुछ लोग
रंग रोग़न के काम में
जो लकड़ी की बनी सीढ़ी की –
लरज़ती पगडंडियों से चलकर
बिल्डिंग के छज्जों तक पहुँचकर
मौतनुमा ऊँचाई को छूकर
अपने जीने का सामान कर रहे थे...!


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