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01.01.2015


सात जन्मों के रिश्ते निभाते रहे

ख़्वाब आते रहे, ख़्वाब जाते रहे,
तुमसे मिलने को थे तरसाते रहे !

बात हर ओर तेरी ही होती रही,
हम भी संग-संग तेरे गीत गाते रहे !

बीत जायेगा हर पल तुम्हारे बिना,
फिर भी हर पल तुम्हे क्यों बुलाते रहे !

एक जीवन मिला, एक तुम थे मिले,
सात जन्मों के रिश्ते निभाते रहे !

बात होती रही, बात बोले बिना,
उनसे जब-जब थे नज़रें मिलाते रहे !


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