ख़ुदा अपना भी तो है यारो ! डॉ. अनिल चड्डा
ख़ुदा तुम्हारा तो ख़ुदा अपना भी तो है यारो, ख़ुदा के वास्ते, ख़ुदा का नाम न बिगाड़ो यारो ! मज़हबी जुनून जीने के लिये अच्छा नहीं है, आपसी लड़ाई में ख़ुदा गर्द में न उतारो यारो ! नहीं मालूम कहाँ से आये, कहाँ चले जायेंगें, कम से कम कोई ज़िंदगी तो सवारो यारो ! अपना घर बसे या उजड़े, ख़ुदा की मर्जी है, किसी का घर बेवजह तो न उजाड़ो यारो ! सोच अपनी-अपनी, कर्म भी अपने-अपने, अपनी-अपनी ज़िंदगी चैन से गुजारो यारो