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| 11.15.2008 |
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दौड़ है अँधी जीवन की
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जीवन तो चलता ही जाये, ज्यों उड़ जायें आ काले बादल, कौन मिलेगा इन राहों में, सब कुछ पहले से तय है, इस झूठी दुनिया में मुश्किल सच्चे लोगों का मिलना, |
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