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01.04.2015


नए साल को

देना चाहती हूँ नए साल को
अच्छा सा आसन
गर्म सा दुशाला
करना चाहती हूँ दिल से स्वागत
बहुत काम करवाने हैं इससे
बहुत बोझ उठवाने हैं इससे
बोझ जो छोड़ गया बीता साल
दिल पर दिमाग पर सवाल ही सवाल

देना चाहती हूँ
नये साल को कुछ हाथ
कुछ आँसू पोंछवाने हैं इससे
कुछ धीरज बँधवाने हैं इससे

देना चाहती हूँ
नये साल को नए कांधे
भारी मन हल्काने हैं इससे
नन्हों के बस्ते उठवाने हैं इससे

देना चाहती हूँ
नये साल को कुछ पैर
चक्की के चक्कर लगवाने हैं इससे
हर चूल्हे तक पहुँचवाने हैं इससे

देना चाहती हूँ
नये साल को नई नज़र
नये सवाल पु्छवाने हैं इससे
नये हल निकलवाने हैं इससे .........


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