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05.04.2008
 

अधिकार और समर्पण
अमित शर्मा


हमेशा अपना कहा
मुझे तुमने
और हमेशा अपना माना
तुम्हें मैंने
अंतर है क्या कुछ इस में ?
हाँ, अंतर है
"कहने" में अधिकार है
और "मानने" में समर्पण !

जो है अधिकार मेरा
क्यों माँगू मैं
भीख सा
जो है अधिकार मेरा !
क्यों स्विकारूँ मैं
दया सा
आत्म सम्मान है मेरा !
क्यों समझते हो
स्वयं को
सबका सर्वेसर्वा !
मैं जन्मा नहीं
जन्मी हूँ मैं
तो कोई
अपराध नहीं है
एक मानव हूँ मैं
और अधिकार है मेरा
पाना एक मानव का सम्मान !


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