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06.17.2007
 
होली का त्यौहार
अमित कुमार सिंह

लेकर रंगो की फुहार
आ गया है होली का त्यौहार,

चारो ओर छायी खुशहाली
रंगों की ये छटा है मतवाली,

मिटा कर दिलों की दूरी
खेल रहे हैं देखो सब होली,

लेकर मन में नयी उमंग
मचा रहे हैं, बच्चे भी हुड़दंग

लाल-हरा, पीला-नीला
अद्‍भुत है रंगो का ये मेला

बच्चे, बुढ़े और जवानों की टोली
खेल रही है मिलकर होली

चारों तरफ खुशियाँ छायी
मस्ती का है आलम

रहा न ऊँच-नीच का भेद
रंगो में डूबे सब हो गये एक

रंगो की हो रही बौछार है
बुरा न मानो दोस्तो होली का ये त्यौहार है

मिला रहा जो सारा परिवार है
वसुधैव कुटुंबकम्‌ इसका सार है।



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