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ISSN 2292-9754

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12.25.2015


शहर-2

होगी उसकी कोई मजबूरी
जो रहता है यहाँ पर,
मुसाफ़िर हो के ही गुज़र जाना
न बनाना यहाँ कभी अपना घर,
बेदर्द, बेमुरव्वत ही नहीं बस
बड़ा बदमिजाज़ भी है ये शहर..


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