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ISSN 2292-9754

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04.25.2015


व्याकुल

 हैं मेरे नैना, दरस पियासे।
कोई कहे जाके, ये तपस पिया से।।

** पियासे (= प्यासे)

नैनो में बस एक ही है सूरत,
लगते हैं सारे दिरस पिया से।।

** दिरस (= दृश्य)

ये तो नहीं कि बस मैं हूँ व्याकुल,
वो भी हैं गाते सरस पी-हा-से।।

** पी-हा-से (= पपीहा की पीहा)

चुप ही रहूँगी, मैं सारा जीवन,
कुछ भी कहूँगी, तो बस पिया से।।


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