अजंता शर्मा


कविता

अनुरोध
अस्तित्व
इस बार
दोस्त क्या बताऊँ तुझे!
...और बातें हो जायेंगी
जमाव
तुम मेरे पास हो..
तुम्हारे फूल
प्रवाह
व्यर्थ विषय
आओ जन्मदिन मनाएँ ...
मेरी दुनियाँ
ढूँढती हूँ...