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ISSN 2292-9754

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12.09.2014


बेटी

चेहरे की मुस्कान है बेटी।
घर आयी मेहमान है बेटी।
क्षमा, प्रेम, करुणा की मूरत,
ईश्वर का वरदान है बेटी।

श्रद्धा और विश्वास है बेटी।
मन की पावन प्यास है बेटी।
चहल-पहल है घर-आँगन की,
खुद में ही कुछ ख़ास है बेटी।
सीता, सावित्री और गीता,
विविध गुणों की खान है बेटी।

जीवन की आशा है बेटी।
उज्ज्वल अभिलाषा है बेटी।
शील, समर्पण और त्याग की,
सुन्दर परिभाषा है बेटी।
हिन्दू की होली, दिवाली,
मुस्लिम की रमज़ान है बेटी।

धर्म और ईमान है बेटी,
मानवता का मान है बेटी,
स्नेह, शान्ति, सद्भाव, समन्वय,
शुचिता की पहचान है बेटी।
वेदों की ऋचा ज्योतिर्मय,
बाइबिल की आख्यान है बेटी।


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