अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
03.31.2017


मास्टर श्यामलाल

हमारे मास्टर श्यामलाल,
करा रहे थे गणित के सवाल।
मास्टर जी ने दो सवाल कराये
और ऐंठ गए।
वापस आ कुर्सी पर बैठ गए।

उन्हीं के पास में बैठे थे
मास्टर सिंधी,
बच्चों को पढ़ाते थे हिंदी।
ब्लैक बोर्ड को देखते हौल-हौले,
फिर श्यामलाल से बोले।
आपने पाँच मिनट में
सब पढ़ा दिया
ये देख मैं चौंकता हूँ,
मैं तो पूरे पीरियड में
एक पाठ नहीं पढ़ा पाता
जबकि कुत्तों की
तरह भौंकता हूँ।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें