अभिषेक कुमार अम्बर

हास्य-व्यंग्य कविता
एग्ज़ाम एंथम
खिड़की को देखूँ (कुण्डलिया छंद)
पहन के कोट पेंट
महबूबा
मास्टर श्यामलाल
मिसेज डोली
कविता
बसंत है आया
साथ जबसे तुम्हारा मिला