अभिनव शुक्ला
कविता
कोई तो जीवित है नई सदी के लोग
समी़क्षा
अभिनव अभिव्यंजनाओं की अभिनव अनुभूतियाँ - डॉ. ब्रजेन्द्र अवस्थी