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05.28.2007
 

यार को मैंने मुझे यार ने सोने न दिया
आतिशहैदर अली


यार को मैंने मुझे यार ने सोने न दिया
रात भर ताली-ए-बेदार ने सोने न दिया
ताली-ए-बेदार=सौभाग्य

एक शब बुलबुले बेताब के जागे ना नसीब
पहलू-ए-गुल में कभी ख़ार ने सोने न दिया

 

रात भर की दिल-ए-बेताब ने बातें मुझसे
मुझको इस इश्क के बिमार ने सोने न दिया



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