आतिश हैदर अली

 


सुन तो सही जहां में है तेरा साना क्या
पते हैं ना रोते हैं ना हम फ़रियाद करते हैं
यार को मैंने मुझे यार ने सोने न दिया
ये आरजू थी तुझे गुल के रूबरू करते