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ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
04.17.2017

कविता

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पुस्तकें

अन्तर्यात्रा राग-संवेदन मनोव्यथा (खण्ड काव्य)
तारों के गीत हँस-हँस गाने गाएँ हम ! चंदन पानी
जीने के लिए माँ मंथरा बूँद-बूँद आकाश
     
2015 2016  
    - -ऊपर
   
अंकुर
अंकुरित आशाएँ
अंग्रेज़ भोजन माँगेगा
अंतर्नाद
अंतिम गीत लिखे जाता हूँ
अंतिम सत्य
अन्धी दौड़ (मीनू नन्दा)
अंधी दौड़
अँधेरा
अँधेरों के दिन
अन्तर
अन्ततः

अंतरंग
अन्तरात्मा
अन्तर्यात्रा
अंधकार
अन्त्येष्टि - कुछ भाव
अम्ब विमल मति दे
अन्वेषण
अकाल और उसके बाद
अकेलापन
अकेले मन की दुविधा
अक्ल दाढ़
अक्सर इन्सान गिरगिट..

अग्नि परीक्षा
अग्नि रेखा
अक्षर
अक्षर और चेहरा
अक्स तुम्हारा (हाइकु)
अचानक (नेहा)
अचानक (मुकेश पोपली)
अचेतन

अच्छा नहीं है लगता
अच्छाई और बुराई
अर्चना के पुष्प
अजनबी सी रात आयी
अजीब बात
अज्ज आखाँ वारस शाह नूँ
अटक मत
अटूट सत्य
अति दूर
अतिचार
अतीत
अतीत क्या हुआ व्यतीत
अथ से अभी तक
अथक

अदेह
अधिकार और समर्पण
अधूरा
अधूरा मिलन
अधूरा स्वप्न
अनगढ़ कविता
अनचाही ज़िन्दगी
अनचाहे खेल
अनन्त महाभारत
अनभूले तुम
अनमोल
अनलिखी नज़्में
अनसुनी कर दो हर वह दस्तक़
अनामिका
अनिता मंडा के दोहे
अनुत्तरित प्रश्न (राकेश खण्डेलवाल)
अनुत्तरित प्रश्न (सरिता गुप्ता)

अनुपमा

अनुभव
अनुभूति (डॉ. रमा द्विवेदी)
अनुभूति (डॉ. महेन्द्र भटनागर)
अनुभूति (डॉ. डीप्ति गुप्ता)
अनुभूति (शशि पाधा)
अनुराग
अनुरोध
अनुल्लिखित
अपना देश अपना गाँव
अपना नहीं कोई है
अपनी ज़िन्दगी
अपनी तो बीत गई
अपनी माटी
अपने अपने दायित्व
अपने शहर की एक सोई हुई
अपने शहर को
अपने हृदय की ओर
अपनों के बीच भी कहाँ...
अपहर्ता
अपाहिज व्यथा
अपाहिज
अपेक्षा
अप्रैल फूल
अफ़सोस

अब उनका आना
अब की बरसात में
अब भी मेरे हो तुम
अबद्ध
अब्बा - तीन कविताएँ
अभंगित मौन
अभिनन्दन (संदीप त्यागी)
अभिनन्दन (वीणा विज उदित)
अभिलाषा (दीप्ति गुप्ता)
अभिलाषा (कवि कुलवंत सिंह)
अभिलाषा - सपना मांगलिक
अभिलाषाएँ

अभिवादन
अभिशप्त (प्रतिभा सक्सेना)
अभिशप्त (प्रताप नारायण सिंह)
अभिषेक
अभी मत बोलो

अभ्यास
अभ्युदय
अमरकंठ से निकली रेवा
अमर प्रेम
अमर कथा-शिल्पी मुंशी प्रेमचन्द
अमरबेल
अमरीका, खुली हवा में
अमावस को हरने फिर ...
अमीरों के कपड़े
अमृत कुंड
अमलतास (श्वेता मिश्र)
अमलतास (हाइकु)

अम्ब विमल मति दे
अम्मा! दादू बूढ़ा है
अय शहीद, तुझे सलाम
अरे कोई तो बतलाओ
अरे सुबह, तू उठ आयी है
अर्थ छिपा ज्यूँ छन्द - (दोहे)
अर्थ - पिशाच
अलविदा (रचना श्रीवास्तव)
अलविदा (विजय कुमार सप्पत्ति)
अलाव
अवतार
अवधूत
अवधूत सा पलाश
अवमूल्यन
अवशता
अवशेष
अवसाद ग्रस्त लड़की
अविष्कार
अश्रु
अश्रु-नीर
अश्रु-सरिता के किनारे
असंतोष के सिंह तुम ...
असगरी बाई की आवाज़
असलियत बस अँगूठा ...
अस्मिता खो गई
अस्मृति
अस्तित्व (डॉ. सुषमा गुप्ता)
अस्तित्व (अजन्ता शर्मा)
अस्तित्व (रंजना भाटिया)
अस्तित्व (अरविंद मिश्रा)
अस्तित्व (सन्तोष कुमार प्रसाद)
अहसास (डॉ. शैलजा सक्सेना)
अहसास (सरिता मेहता)
अहसास (रंजू भाटिया)
अहसास (प्रकाश यादव निर्भीक)
अहसास
अहसासों की नदी
   

- ऊपर

   
आँकड़े
आँखें
आँसू (विजय कुमार सप्पत्ति)
आँसू ( डॉ. ज़ेबा रशीद)
आँसुओं का खजाना
आँसू
आँसू पी लिए
आँसू बोलते हैं
आई.सी.यू.
आ गया फिर से चुनाव
आ गया मधुमास

आ रहा है गाँधी फिर से
आई बासंती बयार सखी
आओ जन्मदिन मनाएँ ...
आओ दीप जलाएँ (कुलवंत सिंह)
आओ दीप जलायें (विश्वम्भर पाण्डेय 'व्यग्र')
आओ प्रिये! आओं
आओ, लौट चलें अब घर को
आईना
आकर्षण
आख़िर कब तक
आगे क्या करना है
आप जिसकी अनुमति दें

आत्मनिरीक्षण
आत्मबल
आत्मा
आकांक्षा
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी
आज अचानक हुई बारिश में
आज अनुभूतियाँ शब्द...
आज उन्हीं शब्दों को मेरी
आजकल इन पहाड़ों के रास्ते
आज कुछ न लिखने को
आज कुछ माँगती हूँ प्रिय...
आज के गुरू
आज के युग में क्रांतिवाद
आज के लिए मेरे शब्द !!
आज कोई तो फैसला होगा

आज जब गूँगा हृदय है, ...
आज फिर (सीमा गुप्ता)
आज फिर (कुसुम सिन्हा)
आज फिर ढलने लगी है शाम
आज फिर बाहर चाँदी बिछी है
आज फिर महका किसी ...

आज भी शाम हो गई
आज मेरे शहर ने मुझे ...

आज मैंने छायागीत सुना....
आज तुम-हम मिले थे
आज़ादी का त्योहार
आज़ादी की एक और वर्षगाँठ !
आतंकवाद
आता है नज़र
आत्मनिरीक्षण
आत्मपीड़ा
आत्मबोध
आत्मविश्वास
आदत
आदमी
आधार
आधी नींद में
आनन्द मठ
आने वाला कल देखो
आप
आप - अंतराल के बाद
आप उपवन में आए

आप चाँदनी
आप-फिर एक बार
आपकी याद

आभास
आम बात
आमंत्रण
आम आदमी का सामान्य ज्ञान
आया नव वर्ष आया
आयी होली आयी
आयत और श्लोक
आरक्षण
ऑल इज़ वैल
आलसी हम
आलोकवर्द्धन
आवरण
आवर्तन
आशंकित शहर

आवाज़ (पाराशर गौड़)
आवाज़ (अब्बास रज़ा अ्ल्वी)
आवाज़ (दीप्ति शर्मा)
आवास
आवो, लौट चलें जीवन में
आशंकित शहर

आशा की कली
आशा की किश्ती
आशान्वित
आशा

आशा के चौखट पर
आशाओं का रवि
आशायें बस इतनी सी
आश्रम में स्त्रियाँ
आस
आसक्ति
आस्था (रामनिवास मानव)
आस्था (प्रकाश चण्डालिया)
आस्था और विश्वास.......
आस्था
आस्था का आडम्बर
आस्था घुल रही आज ..
आह! वो लड़की
आह्लाद
 
आह्वान
   

- ऊपर

इक इब्तिदा
इंतज़ार (अमित शर्मा)
इन्तज़ार (प्रकाश चण्डालिया)
इन्तज़ार (शबनम शर्मा)
इंतज़ार (शेष अमित)

इंतजार की घड़ी
इतने दिनों के प्यार के बाद भी
इन्द्रधनुष
इन्द्रधनुषी रंग
इंद्रियाँ
२१वीं सदी की बेटी

इक्षा
इच्छाएँ
इधर से ही
इन पहाड़ों मेँ आकर
इन रास्तों का अकेलापन
इबारत
इश्क़ कभी भी लफ़्ज़ों का
इस गँवार को !
इस पाप-पुण्य के मंथन में
इस बार
इस पार - उस पार

इस रूट की सभी लाइनें व्यस्त हैं
इस नव वर्ष में
इस लोक में
इस सदी का चाँद
इस सदी का बच्चा
इसीलिये मैं मौन रह गया
   

- ऊपर

   
ईंट का गीत
ईद का मेला
ई-मेल
ईमान को क्या....
ईश्वर की खोज
   

- ऊपर

   
उजाले
उजाला छिन न पाएगा
उजास की आशा
उठो
उठो जागो...(गीत)
उड़ने वाले डाकिये
उड़ान (आस्था नवल)
उड़ान (सुरिन्द्र कौर)
उत्तर गुमनाम रहे
उत्तर सारे मौन रह गये
उत्सुक निगाहों से
उद्‌बोधन:आध्यात्मिक
उदास नज़्म
उदास बरगद
उदास लड़की

उदास है नदी
उदासीनता
उधेड़ बुन
उन दिनों
उनकी माँ को अक्सर मैंने...

उन पाप के नोटों का क्या होगा?
उन्मुक्त
उन्मुक्त तरंग
उन्हें दर्द होता है
उड़ान
उपसंहार

उफ! ये बच्चे
उम्र की शाख से पत्र झरते रहे
उम्मीद (सुभाष चौधरी)
उम्मीद (डॉ. ऋतु पल्लवी)
उम्मीद (डॉ. राजकुमार पाटिल)
उलझन (रंजना भाटिया)
लझन (रंजना भाटिया)
उलझन (श्यामल सुमन)
उलझन (श्वेता सुधांशु)
उलझन (राम लखारा "विपुल")
उल्लंघन
उस छूट्टी पर!
उस दिन
उस पल यादों के पाखी
उस पार का जीवन
उस सर्द मौसम में
उस सूनी बस्ती में
उसका दुख
उसके लिए
उसके लिये भी....
उसको देखना चाहूँ
उसने कहा
उसने कहा था
उसमें सब कुछ था

उहापोह
   

- ऊपर

   
ऊँचा पहुँचोगे तुम
ऊँचाई
ऊब ऊष्मा
   

- ऊपर

   
एक अंतहीन कविता
एक अहसास

एक आश्रम अशान्त
एक आस (चोका छंद)
एक उड़ान
एक और संवाद
एक औसत रात: एक औसत दिन
एक कंदील की हो गई रहजनी
एक कविता-१
एक कविता-२
एक कविता-३
एक कविता-४
एक कविता-५
एक ख़त
एक ख़्वाब टूटा हुआ
एक ख्वाब सा देखा है, ...
एक गीत लिखने का मन है
एक चिंगारी
एक छोटी-सी सोच
एक जलता हुआ दृश्य
एक जिज्ञासा
एक ज्वार
एक दिन
एक दिवस वह डरा डरा सा
एक नन्ही सी परी
एक नया जोश जगायें हम
एक नया विश्वास
एक ठहरी हुई उम्र
एक पल
एक पाती
एक पूरी दुनिया है औरत
एक प्रेमलता कुम्हलाई सी
एक बच्चे की हँसी
एक बराबर सवा
लाख के
एक बार फिर
एक बीज
एक बोल
एक बूँद हँसी की
एक बौनी बूँद
एक भ्रमर की यात्रा
एक भारतीय पत्र मित्र इनद के नाम
एक भी खिड़की नहीं
एक मीठे गीत-सी तुम
एक लड़की
एक लम्बी बारिश
एक वह प्रस्तावना हो
एक विक्षिप्त औरत

एक वैसी ही लड़की
एक शब्द चित्र माँ के लिए
एक शोर था, एक वीरानगी थी
एक संवाद
एक साल बीत गया
एक सीप, एक मोती
एक सूखा गुलाब
एक स्पर्श
एकल
एकान्त चाहिये
एकात्म के लिए
एडवांस
हसा (नीरज त्रिपाठी)
एहसास (प्रतिमा भारती)
एहसास
(शबनम शर्मा)
ऐ दोस्त क्या बताऊँ तुझे!
ऐंटी सेक्युसल हैरेसमेंट कमेटी
एक युग
एक ज़रूरी प्रार्थना
एक अहसास
एस० एम० एस०
   

- ऊपर

   
ऐ रात संभल कर चल ज़रा
ऐसा क्यों होता है
ऐसा पहली बार नहीं हुआ था ऐसा हो आतंक प्रचण्ड
   

- ऊपर

   
ओ अपरिचित ! आओ हम तुम
ओ! चित्रकार
ओ पिया ओ पिया
ओ मातृभूमि तेरी जय होये
ओ मेरे...
ओ मेरे प्राणेश-नहीं है कुछ भी
ओ भारत देश महान मेरे
ओ राही
ओ हिम धीरे से गिर
ओस्लो में 20 नवम्बर
ओ भँवर
ओ ख़ुदा
ओ मसीहा
ओ राही
   

- ऊपर

   
और
और अब
और क़त्ल हो गया बचपन
...और बातें हो जायेंगी
औरत (किरण राजपुरोहित)
औरत (मीना चोपड़ा)
औरत (अनुपम एस. "श्लोक")
औरत और अख़बार
औरत का दर्द
औरत नियति सी
   

- ऊपर

   
कंधों पर सूरज
कक्षा की सबसे होशियार लड़की
कम्पित दीपशिखा
कचनार
कटे पेड़ के पास
कठिन पल
कठिन विदा
कठोर हाथों की कविता
कपड़े झड़ रहें हैं 
कब से रही पुकार
कबिरा खड़ा उदास
कभी
कभी कभी यह मन यूँ चाहे
कभी पूछा है ख़ुद से
कदाचित
कन्यादान
कभी-कभी
कभी-कभी यूँ ही मुस्काना
कभी कभी लगता है
कभी चले थे साथ-साथ
कमल (हाइकु)
कमाल की लाईन है
करती है पानी-पानी
करुण वेदना उन की सुन...

कल (रमेश देवमणि)
कल (शर्मिला कुमारी)
कल, आज और कल
कल तुम्हारा जन्मदिवस है
कल बड़े का पेपर है
कलयुग की मार
कलयुगी अवतार
कलियुग की भगीरथ
कल सुबह
कल्पना
कल्पना के चित्र मेरे

कवच
कवि अपना कर्तव्य निभा तूँ

कवि तुम पागल हो--?

कविता (स्व. इन्दु जैन)
कविता (डॉ. भारतेन्दु श्रीवास्तव)
कविता (महावीर शर्मा)
कविता (मीना चोपड़ा)
कविता
(सुदर्शन रत्नाकर)
कविता
(शालिनी श्रीवास्तव "शानू")
कविता (सुरेन्द्र कुमार सिंह चांस)
कविता का जन्म
कविता की सरिता बहने दे
कविता जम गई है-सर्दी का..
कविता सी कुछ
कविते!
कविते! तू आयी

कवि प्रसाद
कर्ज़ (मीना ए. शर्मा सेहर)
कर्ज़ (प्रवीण शर्मा)
कर्ज़ का तक़ाज़ा
कर्मफल
कर्मठ गधा

कसक
कसक (श्यामल सुमन)
कसबे की साँझ

कहाँ
(सुरेन्द्र कुमार अभिन्न)
कहाँ
(बी मरियम ख़ान)
कहाँ गया बचपन...
कहाँ भारतीयपन
कहाँ लिखूँ
कहाँ हैं वो लोग
कहानीकार
कहो पढ़ा क्या प्रियतम तुमने
काँटा
काँटों से यारी
काँटों से सेवित है मानवता..,

काँपती किरनें
एक काफिला नन्हीं नौकाओं का (१३ लघु कविताएँ)
काम को निकली औरत

कामना
कामना (पाराशर गौड़)
कामना (श्यामल सुमन)
कालजयी जयशंकर प्रसाद
काश (दिव्या माथुर)
काश (दिविक रमेश)
काश (किरण सिंह)
काश (अलका प्रमोद)
काश!
(नेहा दुबे)
काश!! ऐसा करें
काश तुम फिर आती
काश तुम मिलती तो बताता
काश हृदय पत्थर का होता

काल का बिकराल रूप
काला चाँद
किंचित सी मुस्कान तुम्हारी
कितना
कितना मुश्किल है
कितने गीत और लिखने हैं
कितने प्रकरण, कितने प्रसंग
कितने सच्च मुट्ठी में
किताब
किताबें
किस ओर चलूँ मैं
किसके हित
किस छाँह तले बिखरा गजरा
किस रास्ते
किस लिए मन बावरा
किससे माँगें अपनी पहचान
किसलिये मैं गीत गाऊँ
किसान
किसान का हल
किसे कहूँ मैं युग-परिवर्तन
किस्तों में ज़िंदगी
क़िस्मत
कीचड़ में कमल
कीड़े
कुछ नये मुक्तक
कीमत
कील पुरानी है
कुंडलियाँ (डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा)
कुण्डलियाँ (त्रिलोक सिंह ठ्कुरेला
कुछ अनकही सी...
कुछ तुम भूलो, कुछ वो भूलें
कुछ तो गाओ
कुछ टूटा सा विश्वास लिए...
कुछ निशान वक़्त के
कुछ पता भी न चला
कुछ प्रश्न पवन से
कुछ मंदिरों के अंदर
कुछ माहिये
कुत्ता! बापू की समाधि जा चढ़ा
कुबड़ी आधुनिकता
कुर्सी और आदमी
कुलजीत की हार
कुहासा
कृत्रिमता
कृष्ण पुकार
केवल तुम हो
कैनवस
कैद
कैद प्यार
कैनवास
कैंसर
कैसी ये तक़दीर
कैसे उड़ें गगन
कैसे कह दूँ सब ठीक है?
कैसे कैसे लोग
कैसे जानूँ अभिलाषा मन की
कैसे बदलेगी यह फ़ितरत ?
कैसे मैं दिल को दिलासा दिलाऊँ
कैसे मैं समझाऊँ
कैसे लाँघी- मर्यादा?
कैसे होते हैं वह अच्छे घर
कोई तो जीवित है
कोई तो बतलाये
कोई बात
कोई संवाद शेष है
कोख में पलती बेटी बोली
कोढ़
कोमल सी हो
कोशिश(नवल किशोर कुमार)

कोशिश (डॉ. हृदय नारायण उपाध्याय)
कोयल
कोयला
कोलाहल
कौतूहल
कौन
कौन कहता है इश्क़ इक बार होता है?
कौन बतलाये हुआ है
कौन ये?
कौन हो तुम  (भगवतशरण)
कौन हो तुम (सूर्यप्रकाश मिश्रा)
कौन हो तुम चोर!
कौमी एकता एक उष्मा
क्या आपने देखा है...?
क्या करूँगा
क्या, कहाँ, कब, कौन
क्या जीत लिखूँ क्या
क्या तुम ही हो
क्या देखा है तुमने
क्या तुम नहीं हो कहीं मेरे
उलझे धागे के गोले में
क्या संभव इस बार
क्या है ?
क्या हूँ  मैं?
क्या होगा भगवान देश का!
क्यूँ
क्यूँ सूरत तेरी मन भायी
क्यों
क्यों?????
क्यों करोगी पढ़ाई
क्यों न कहो मैं गीत सुनाऊँ
क्योंकि अब समय आ ....
क्या जानों सरकार हमारे बारे में
क्यों नहीं...
क्यों फैला है भ्रष्टाचार
क्या भूली??
क्या वो बच जाती?
क्यों ना जीवन से प्यार करूँ
क्रंदन (एक अधूरा गीत)
क्रमशः
क्रोध हूँ मैं
   

- ऊपर

क्ष    
क्षत-विक्षत
क्षण दोष
क्षणिकाएँ (अनिता ललित) 12 क्षणिकाएँ (डॉ. सुधा गुप्ता)
   

- ऊपर

   
खचाखच भरी रेलगाड़ी
खंडहर
खंडहर हो चुके अपने ...

ख़त
खनकती चूड़ियाँ
ख़बर का असर
खाटप्रिया

ख़ामोश
ख़ामोशी
ख़ामोश मन्दिर
ख़ामोशियाँ बोलती हैं (हाइकु)
ख़ामोशी
ख़ास "तुम" हो बेहद ख़ास
खास समुदाय
खिलौना (शबनम शर्मा)
खिलौना
(श्यामल सुमन)
ख़ु
दा की क़िताब
खुरचे हुए शब्द
खुलेआम अब जिस्मों का ...

ख़ुशफहमियाँ
खुशियाँ याद नहीं रहती
खुशी
खेद
खो गयी
खो गई हैं मेरी कविताएँ कहीं
खो चुका परिचय
खोपचा....
खोल के गठरी
ख़ौफ़
ख़्वाब (विजय सूरी अज़ीज़)
ख़्वाब (रेखा राजवंशी)
ख़्वाब (विकास वर्मा)
ख़्वाब (श्वेता मिश्र)
ख़्वाहिशें

ख़्वाबो मेरे ख़्वाबो
   

- ऊपर

गंगा
गंगाजल
गंधाती सड़क
गणतंत्र-स्मारक
गणितज्ञ का प्यार
गधे का दुख
ग़रीब
गरीबी में
गरीबों का नया साल
गलती (डॉ. शैलजा सक्सेना)
ग़लती (सुशांत सुप्रिय)
गलती (डॉ. राजकुमार पाटिल)
गलती मत करना
ग्लोबल हुआ कार्य क्षेत्र
गाँव में अफ़सर
गाजर-घास उग आई है, केसर के बागानों में
गाना ही गाते रहेंगे
गाय
गॉड पार्टिकल
गिरगिट
गिरगिट के अब्बा श्री
गीत
गीत कहीं कोई गाता है
गीत क्या मैं गा सकूँगा
गीत खुशी के
गीत गाऊँ आज बोलो
गीत की चाहत
गीत क्या है?
गीत गाता जा रहा हूँ
गीत तो हमने लिखे हैं ...
गीत ढूँढें उस अधर को...
गीत बनने से पहले ...
गीत बहुत बन जाएँगे
गीत मैं गढ़ता रहा हूँ
गीतकार
गीली मिट्टी
ग्रीष्म पर कुण्डलियाँ

गुंजाइशों का दूसरा नाम
गुड मॉर्निंग सूरज!
गुड़ गोबर
गुलमोहर (हाइकु)
गुड़िया हूँ मैं
गुनगुनाया हमें
गुनगुनी धूप
गुमनामी
गुर्खा फोर्ट की हाइक
गुर्दा
गुलमोहर
गुलशन
गुलाब (हाइकु)
गुलाम
गुलाम देश का मजदूर गीत
गूँज
गेहूँ
गैया
गोकुल आवाज़ें देता है
गोबर की छाप

गौरी

- ऊपर

   
घट का आकाश
घट का यौवन
घड़ी और मैं
घन बरसो मेरे आँगन में
घर (रमेश देवमणि)
घर (डॉ. सारिका कालरा)
घर को ही पराया मान लिया
घरों में आ धमका अमरीका
घाटी में धूप
घायल

घास के फूल
घुटन
घूँघट खोलती हूँ मैं
   

- ऊपर

   
चंचल मन
चन्द आँसू, चन्द हँसी की फुहारें
चन्दन लेप लगाया किसने
चक दे ट्वंटी ट्वंटी

चक्रव्यूह
चढ़ता सूरज
चरित्
चरित्रहीन
चलना होगा साथ-साथ

चले आओ
चलो कुछ लिखा जाये
चलो, चलें अब शाम हो गई
चयन
चर्चा
चलते चलते जब थक जाऊँगा
चले जा रहे हैं.....
चलोगी! मेरे साथ तुम
चाँदनी की उधारी
चाँदनी मुस्कुराते हुए चुप रही
चाँदनी चेहरा छुपाने लगी
चाँदनी रात के
चाँदनी रात में कभी-कभी...
चाँदी के सिक्के
चातक सा मन
चाबी
चाय का कप
चाय के प्याले में तूफ़ान
चालू नम्बर वन
चार मुक्तक
चाह
चाह ?

चाह (भूपेन्द्र कुमार दवे)
चाहत (प्रतिमा भारती)
चाहत (श्यामल सुमन)
चाहत (सुधीर सिंह "सुधाकर")

चाहे कितने दीप जलाना
चिन्गारी भर दे मन में
चिड़िया और मैं
चिन्तन
चिंतन से जीवन भर लो
चिन्ता (लक्ष्मी शंकर वाजपेयी)
चिंता (धवन भगत)
चिता जलाना बन्द भी हो

चितवन किरन गोरिया चाँदनी ..
चितेरे बोल
चित्र
चित्र बनाना मेरा शौक है
चित्र मावस का
चित्रों से दोस्ती
चिड़िया
चिड़िया का वादा
चिर-प्रतीक्षा
चिर-वंचित
चीं भैया चीं
चीड़
चुनरी
चुनाव की चाह
चुनाव अभियान
चुनौती
चुप (प्रियंका सिंह)
चुप (सविता अग्रवाल "सवि")
चुम्बन
चुलबुली चिड़िया
चूल्हा
चूहे
चेतावनी
चेहरे के बि‍म्‍ब
चोट
चोर जेब
चौराहा

- ऊपर

   
6 छोटी कविताएँ
छ्ठवाँ तत्त्व

छब्बीस जनवरी
छब्बीस जनवरी नया रंग...
छवि
छवि खो गई जो
छलके शब्दों की गागरिया
छलनी लेकर हाथों में : गीत

छद्माभिमान
छाँव-निवासी
छाप
छुटपन
छूट गए सब
छोटी छोटी बातें
छोड़ देने के काम भी माँ आई
   

- ऊपर

   
जंगल
जंगल का सागौन
ज़ख़्म
जग त्याग उड़ जाना ....
जगत है शब्दों का ही खेल
जगमग करता दीप
जनतंत्र-आस्था
जननी के सम्मान की खातिर
जनपथ पर साइकिल
जनवरी - ताँका
जन्म दे मुझे भी माँ
जब आँख खुली
जब कोई किसी को याद करता है
जब जब आयेगा सावन
जब तुम बरसे
जब देखेंगे खाली कुर्सी...
जब भी बोल
जब याद मुझे वो आता है
जवाँ भिखारिन-सी
जमाव

जमीं रहें अपनी जड़ों से औरतें
जयंती या पुण्य तिथि
ज़रूरी तो नहीं
जरूरी है
जल जल दीप जलाए सारी रात
जलाओ एक दीपक और
जहाँ अपने गीतों के माध्यम से
जहाँ कहीं भी मेरे पग पड़ते थे
जहाँ चाह, वहाँ राह
जाइये-आइये
जाग मनवा जाग
जागो
जाड़ा

जान के नाम
जानती हूँ मैं
जाना ही था तो ज़िंदगी में ...
जाने कैसी राह
जाने क्यूँ
जाने क्यों??
जाने क्यों लगता है
जाया न करो

ज़िंदगी (श्यामल सुमन)
ज़िंदगी (विकास वर्मा)
ज़िन्दगी (अनिल कुमार)
ज़िन्दगी (क्षणिकाएँ)

ज़िंदगी का आँचल
ज़िन्दगी का सच

ज़िन्दगी का स्वेटर
ज़िन्दगी के रंग (महिमा भटनागर)
ज़िंदगी के रंग  (रंजना भाटिया)
ज़िन्दगी को मज़ाक में लेकर
ज़िन्दगी को खेल की तरह खेला कर बेटा

ज़िन्दगी (मंजूषा "मन")
ज़िन्दगी (अमिता शर्मा)
ज़िंन्दगी (एस.के. गुडेसर)
ज़िंदगी-ज़िंदगी
ज़िंदगी ने जो दिया
ज़िन्दगी थकी न थी...
ज़िन्दगी प्रश्न करती रही
ज़िन्दगी बस बिलम्बित...
ज़िन्दगी मोम बन कर ...
ज़िंदा भी हूँ मुर्दा भी
जिज्ञासा (मुकेश कुमार तिवारी)
जिज्ञासा (अरविंद मिश्रा)
जिज्ञासा (शर्मीला कुमारी)
जिजीविषु
जितने मिले धूप के टुकड़े
जिन के सिर पर होता कोहिनूर
जियो और जीने दो
जिल्द
जिस मोड़ से गुज़
रो
जी हाँ, लिख रहा हूँ
जी चाहता है
जीत
जीने नहीं देते वो
जीवन्त
जीवन (डॉ. शैलजा सक्सेना)
जीवन (रणवीर पाहवा "राजा")
जीवन (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
जीवन..... कल और आज

जीवन का ज्ञान
जीवन की आशा
जीवन कुरुक्षेत्र
जीवन उम्मीदों का
जीवन का पड़ाव,...
जीवन का यथार्थ (नवल किशोर)
जीवन का यथार्थ (सुधेश)

जीवन का सच
जीवन का सत्य
जीवन की साँझ
जीवन के इस संधि पत्र पर
जीवन के तीस बसंत के बाद
जीवन के ये पल
जीवन क्या है?
जीवन गाथा
जीवन चक्र के अभिमन्यु
जीवन-नदिया
जीवन भर कैसे
जीवन मूल्यों में विप्लव हो
जीवन में प्रेम संजीवन है
जीवन में बसंत
जीवन मेरा सजीव है प्रिये
जीवन-यात्रा का पाथेय
जीवन संघर्ष
जीवन सार
जीवन सारांश
जीवन है परेशान
जाने वाले

जाल
जुगनू
जुगाड़
जुदाई (दीपा जोशी)
जुदाई (रंजू भटिया)
जूते

जेठ की दोपहर
जोंक
जो कहता था
'जो काल्पनिक कहानी नहीं है' की कथा
जो चाहिये
जो चाहो तो
जो छपा है इस दिल में
जोकर
ज्योति
ज्योति के तीन शब्द-चित्र

ज्योति छत पर उतर आई
   

- ऊपर

ज्ञ    
     
   

- ऊपर

   
झंकार
झंकृत

झक मारता हूँ
झरे पुष्प पात (हाइकु)
झांसी की रानी लक्ष्मी बाई
झूठ

झूमती बदली
झोंका
झोला

- ऊपर


   
टपक रहीं हैं खपरैलें
ट्यूलिप

टीस
टूटते परिवार
टूटन
टूटा दिल
टैग
ट्रैफिक-जाम
   

- ऊपर

   
ठंडे सवेरे सर्द रातें (हाइकु)
ठंडी सी छाँव
ठंडे लोग
ठिठुरी कविता
ठूँठ
ठूँठ होते पहाड़
   

- ऊपर

   
डर (दिविक रमेश)
डर (शबनम शर्मा)
डर (सुधीर सिंह "सुधाकर")
डर (डॉ. आराधना श्रीवास्तवा)
डर लगता है
डरावनी बात
डाऊनिंग स्ट्रीट के दस नम्बरी..
डाल
डायल मी *माधव*
डेंगू से डेंगी
डेड-एंड

डेवलपमेंट
   

- ऊपर

   
ढाई आखर प्रेम का
ढीली पड़ती मुट्ठियाँ
ढूँढता हूँ जिन्दगी में .. ढूँढता हूँ मैं तुम्हें ...
   

- ऊपर

   
तंग आकर उनकी बेवफाई से
तंत्र का जन
तन्हाई (समीर लाल समीर)
तन्हाई (प्रो. राजकिशोर प्रसाद)
तन्हाई (सीमा गुप्ता)
तन्हाई (सीमा असीम सक्सेना)

तकलीफ़
तकलीफ़ भरी ख़ामोशी
तड़ित रश्मियाँ
तपती धरती
तब की बात
तम के बढ़ते साये
तमगा
तमन्ना
तरक्की
तलाश...
तलाश (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
तलाश (प्रकाश यादव निर्भीक)
तलाश अपनत्व की
तलाश आत्मा की

तवायफ़
तस्वीर
ताज़ा हवा

ताश का घर
तिजारती
तिज्जो मौसी
तिनका ही जब छूट गया तो
तिलचट्टा
तिलस्मी ताबीज़
तीन-त्रिवेणियाँ
तीन मुक्तक (राकेश खंडेलवाल)
तीन मुक्तक (के.पी.सक्सेना दूसरे)
तीनों बंदर बापू के

तीर
तीर्थयात्रा
तीसरे बन्दर का मतलब

तेरी एक याद बची है
तेरी मर्जी
तेरे जाने के बाद
तेरे प्यार को तब मैं सच मानूँ
तेरे बरसाती वादे
तुम (राकेश खण्डेलवाल)
तुम.... (डॉ. महेंद्र भटनागर)
तुम (डॉ. यू.एस. आनन्द)
तुम (मनीषा साधू)
तुम (डॉ. शैलजा सक्सेना)
तुम और मैं (पुरू मालव)

तुम और मैं (पूनम सिन्हा)
तुम और मैं (किशोरकान्त द्विवेदी)
तुम और मैं (दीप्ति शर्मा)
तुम और मैं (डॉ. कुशल चंद कटोच)
तुम कहते हो
तुम केवल
तुम चाहो तो
तुम न आये (राकेश खंडेलवाल)
तुम न आये (निर्भीक)
तुम पास तो आओ
तुम भी न बस कमाल हो
तुम मेरे पास हो..
तुम मेरी कविता
तुम मेरी परछाई हो
तुम लड़की...
तुम न होती तो..... ?
तुम मिले तो यूँ लगा
तुम मेरे लिए क्या हो
तुमसे बात करना
तुम हो (शेष अमित)
तुम हो (विवेक कुमार झा)
तुम होते तो
तुम्हारा आगोश
तुम्हारा प्यार
तुम्हारा संगीत
तुम्हारा संस्मरण
तुम्हारी आँखों में
तुम्हारी कसम
तुम्हारी तुलना
तुम्हारी मुस्कान
तुम्हारी वह मुस्कान

तुम्हारे अस्तित्व की जननी...
तुम्हारे आने से
तुम्हारे चित्र

तुम्हारे देश का मातम
तुम्हारे पास
तुम्हारे प्यार से
तुम्हारे फूल

तुम्हारे बिन
तुम्हारे लिए (प्रकाश यादव)
तुम्हारे लिए
तुम्हारे हाथ (आचार्य बलवन्त)
तुम्हें गीत बन जाना होगा
तुमने मुझे याद किया होगा
तुलना
तुषार
तू
तू जो साथ तो
तू कितना मेरे दिल के पास है
तू पीठ सीधी रख ओ लड़की!
तू सबसे सुंदर है
तुम न आये
तुमने मुझसे कहा, लिखूँ मैं..
तुम्हारा पत्र
तेरा चेहरा नज़र आये
तेरी उदासी का सबब जानता हूँ
तेरी ज़रूरत
तेरी याद आई
तेरी यादों का कोहरा
तेरे अधर !
तेरे नाम लिखूँ
तेरे शरमाने से
तैर रहे हैं गाँव
तो कितना अच्छा होता!
.तो कैसे विश्वास करोगे
तो जगा देना।

- ऊपर

त्र    
त्राहि-त्राहि मची हो
त्रिवेणी (विश्व दीपक 'तन्हा')
त्रिवेणी - विभा रानी श्रीवास्तव त्रिशंकु
   

- ऊपर

   
थके हुए लोग
थम सी गई पृथ्वी
थरथराती हुई उँगलियों से थिरकन
   

- ऊपर

   
दंभी
दंश
दमित इच्छा
दरख़्तों के साये तले
दरवाज़ा
दरवाजा खटखटाते सपने
दरवाज़े
दर्द
दर्द का अहसास
दर्द का पैमाना
दर्द घुटन और औरत
दर्द दिल का
दर्द से प्यार
दर्पण
दर्पण के टुकड़े
दर्पण हूँ मैं
दस बूँदे
दस्तक़
दस्तावेज़ कीमती है
दस्तावेज़ समय का
दहेज़ की कुरीति
दादाजी
दासियाँ सब जानतीं हैं
दिखता न हो जब किनारा कोई
दिन
दिन की डिमांड
दिन है या आप
दिल का दर्द
दिल की बातें
दिल ढूँढता है
दिल तुम बिन डूबा जाता है !
दिल पर ले यार
दिल से
दिवाली

दिव्य मूर्ति
दिशा विहीन

दिशाहीन
दीदार
दीप
दीप गीत
दीप जलाने हों तो
दीपक माटी का
दीप्ति ही तुम्हारी सौन्दर्यता है
दीपमाला
दीपावली संदेश
दीया स्नेह बाती
दीवारें
दीवाली (आशा बर्मन)
दीवाली
डॉ.भारतेन्दु श्रीवास्तव
दीवाली (डॉ. विक्रम सिंह ठाकुर)
दीपावली के अवसर पर
दीवाली मनाना है
दीपावली 2004
दीवाली संकल्प

दुआ
दु:ख (डॉ. कंचन लता जायसवाल)
दु:ख (सुधेश)
दु:ख का कारण
दुख का दर्द
दुख के बारे में एक कविता
दुःख तो ज़रिया है
दुख विगलन
दु:खानुभव
दुखियारी नदी
दुनिया
दुनिया की कल्पना
दुनिया बहुत आगे जा चुकी है...
दुनिया मुझसे चलती है
दुल्हन
(भावना कुँअर)
दुल्हन (एम.ए. शर्मा)
दूर चले आए अपनों से
दूर दूर रहते हुये

दूर भले हो मंज़िल तेरी
दूरत्व
दूरवर्ती से
दूरी के ये पल
दूब (हाइकु)
दृष्टि
दॄष्टि के चुम्बन
देख

देख लिया
देखो इन लहरों को
देखो मेरी आँखों में
देर कर दी...
देवी की प्रतिमा
देश की याद
देश मेरा कहीं खो गया है
देश मेरी आँखें नम हैं
देश : दस तेवरियाँ
देह और आत्मा
दो पाटन की चक्की
दो चार पल
दो ध्रुव

दो पल
दो बात प्रेम की
शब्द कहाँ से लाऊँ वो?
दो फूल
दोस्त, शब्दों के अन्दर हो!
दोहरा जीवन जीते हैं हम
दोराहे पर जीता मन
दोषी कौन
दोस्ती
दोहे
(मंजूषा "मन")
दोहे (श्यामल सुमन)
दोहे (डॉ. राजेन्द्र गौतम)
दोहे (डॉ० यू० एस० आनन्द)
दोहे (मानोशी चटर्जी)
दोहे (डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा)
दोहे (रामेश्वर काम्बोज हिमांशु)
दोहे (अमन चाँदपुरी)
दोहे (पुष्पा मेहरा)
दोहे आनन्द के
दोहे - धरम के
दौड़
दौड़ है अँधी जीवन की
दोहे : 15 अगस्त
द्वन्द्व

द्वापर-प्रसंग
द्रुम डालों के बीच पर्ण की मृदु-छाया में
   

- ऊपर

   
धड़कनों पे धड़कनें
धरती का दुख
धरती माँ
धीर धरो मन

धुआँ
धुँध के मिटते चेहरे
धुरी
धूल भरी परत
धूप

धूप को वह पथ दिखाये
धूप गुनगुनी
धूप-ताप
धोखा

ध्यान एक अवसर है आजकल
   

- ऊपर

   
न जाऊँगी बेटा मैं गाँव को छोड़
न जाने क्या होगा
नई सदी के लोग
नई हवा
नए वर्ष का नया सवेरा
नव वर्ष से आशाएँ
नए समीकरण

नए साल को
नए साल में क्या दूँ
नए साल से कह दो कि
नक्सली समस्या
नजर अपनी अपनी
नज़रिया (इन्द्रभूषण मिश्र)
नज़रिया (परी एम. 'श्लोक')
नन्हा बच्चा
नन्हें फरिश्ते
नदी (जयप्रकाश मानस)
नदी (रवीन्द्र प्रभात)
नदी जब चीरकर छाती....

नफ़रत
नयन - पीर
नयन बावरे गए आज भर
नया सबेरा
नयी नारी
नए साल की शुभकामनाएँ
नये पत्ते डाल पर आने
नरम ख़ामोशी
नव वर्ष
नव-वर्ष (डॉ. महेन्द्र भटनागर)नववर्ष (शबनम शर्मा)
नव वर्ष (राखी चन्दूक)
नव वर्ष (राकेश खण्डेलवाल)
नव वर्ष (रामेश्वर काम्बोज)
नव वर्ष (निर्मल सिद्धू)
नव वर्ष आया है द्वार

नव वर्ष की मंगल बेला पर
नव वर्ष कुण्डलियाँ
नव वर्ष पर मुक्तक और शेर

नव वर्ष प्रकाश
नव वर्ष स्वागतम् (2015)
नया रिश्ता
नया साल
नरोदा पाटिया : गुजरात, 2002
नये वर्ष की शुभकामनाएँ
नव प्रभात
नवल वर्ष

नवल वर्ष की मंगल कामनाएँ
नव-वर्ष : जागरण वर्ष. २०१५
नवल सृजन
नशे बाज की यही कहानी
नसीब
नसों में जब बहती है
नहीं
नहीं छोडेंगे हम धूम्रपान कभी
नहीं बाँटते अब दर्द शब्द, ...
नहीं मिलेंगी
मंजिलें
नहीं संभव रहा
नाग
नागफनी
नाभिकुंड
नाटक अभी ज़ारी है
नाम
नाम तुम्हारा आ जाता है
नाम मैंने लिखा प्रीत का
नाम है मेरा विश्वास
नायाब अहसास
नारी (श्यामल सुमन)
नारी (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
नारी (डॉ. महेंद्र भटनागर)
नारी!
(रजनीकान्त राकेश)
नारी
(कामिनी कामायनी)
नारी की सृष्टि

नारी - पुरुष

नारीत्व - एक गाली
नारी हूँ मैं
नारों के नारायण
निगाहों के प्रश्न

निजत्व
नित्य नये-नये रूपों में
निद्रा आ उन्हें फिर भेड़ती है
निपटारा
निमित्
नियंत्रण
नियति (
प्रतिमा भारती)
नियति (कुमार लव)
नियम भाव सब भंग हुए
निरन्तर (सुनील गज्जाणी)
निरन्तर (डॉ. प्रभा मुजुमदार)
निरन्तरता

निवेदन
निशब्द फिर भी शब्द होते हैं
निशान छोड़ते प्रेत
निशारम्भ
निश्चय
निश्छल भाव
निष्कर्ष
निष्कर्ष (राग-संवेदन)
निहायत छोटा आदमी
नीड़
नीति

नींद के साथ शतरंज
नींव की ईंट
नीर पीर
नीलकंठ
नीलकण्ठ तो मैं नहीं हूँ
नीले आकाश में

नूपुर
नेक दिल
नेकी
नेल पालिश
नेवोन्मेष
नैतिक मूल्य
नैन
नूतन वर्ष (रचना श्रीवास्तव)
नूतन वर्ष (सविता अग्रवाल)
नू
   

- ऊपर

   
पंख फैलाओ अगर
पंख ही चुनते रहे
पंचमढ़ी

पंडितजी
पकबान - होली की हुल्लड़ियाँ
पगली
पछुआ के निश्वास
पतझड़ (सुभाषिणी खेतरपाल)
पतझड़ (डॉ. एग्नेस ठाकुर)
पतझड़ (विजय सूरी अज़ीज़)
पतझड़ का अध्याय खुला
पत्थर
पत्थर तोड़ती औरत
पत्नी और मैं
पत्र
पदचिह्
पर कदम-कदम पर गिना गया हूँ
पर नहीं थे तुम
परख
परजीवी
परदेसिन धूप
परदेसी सबेरा
परम विश्व का परम विराट
पराया धन
परायों के घर
परायी हुई बिटिया
परिक्रमा
परिचय ?

परिधि और केंद्र
परिधिपरिधि में घूमता हूँ मैं
परिणाम (पाराशर गौड़)
परिणाम (प्रो. डॉ.किशोर गिरडकर)
परिभाषाएँ
परियों के देश में
परिवर्तन

परिवर्तन (राग-संवेदन)
परिवर्तन (श्यामल सुमन)
परीक्षा भवन
परेशान गिरगिट
पर्वत
पल दो पल
पलाश (हाइकु)
पसन्द
पसीने की कमाई
पहचान - अपनी
पहला क़दम
"पहर को पिघलना ...
पहली होली की पहली फुहार
पहले सपने
पहाड़
पहाड़ का दुःख
पहाड़ और पीठ

पहाड़ पर
पहाड़िया
पहाड़ी नदी के बारे में
पहेली (प्रताप नारायण सिंह)
पहेली (सुधीर जुगरान)
पाँच दोहे
पाँच बज गये
पाँवों में पहिए लगे
पागल भिखारी
पाप ही पाप
पानी (दीप्ति गुप्ता)
पानी (महेश रौतेला)
पानी की दीवार
पानी की बूँदें कहें
पार्क की वह बेंच
पावन नाम
पास वर्ड

पाहुन (दीपा जोशी)
पाहुन (शशि पाधा)
पिघलते जज़बात
पिता (डॉ. शुभ्रता मिश्रा)
पिता (भगवत शरण श्रीवास्तव)
पिता (ज्योत्स्ना 'प्रदीप') (चोका)
पिता और स्वतंत्र होती बेटी
पिताजी आज भी पैसे बचाते हैं
पिताजी की सूनी आँखें
पिता सरीखे गाँव
प्रिये चारुशीले
पी. एम. की कुर्
पी.एच.डी. डिग्रीसी
पीड़ा (दीपा जोशी)
पीड़ा (पाराशर गौड़)
पीड़ा को विश्व का साम्राज्य दो
पीड़ा टीसती है
पीड़ा सुख
पीड़ा से लिया जोड़ है नाता !
पीला काग़ज़
पुखराजी धूप
पुनर्जन्म
पुन्न के काम आये हैं
पुरवा
पुराना घर
पुराने दोस्त
पुलोवर
पुष्प
पुष्प की कामना
पुत्र मोह .एक छलावा
पूछो पथराई आँखों से
पूजा की थाली
पूरे चाँद की रात
पूर्णता का बोध
पूर्णस्य पूर्णमादाय......
पूर्वाभास (महेन्द्र ्भटनागर)
पूर्वाभास (लक्ष्मीनारायण गुप्ता)
पेड़
पेड़ ..एक
पेड़...दो
पैर व चप्पलें
पोइटो
पोटली
प्रणय गीत
प्रकाश
प्रकाश दिवस
प्रकाश पर्व पर
प्रकृति

प्रकृति की दीवाली
प्रकृति और मैं
प्रकृति के नियम
प्रकृति से दूर
प्रक्रिया
प्रगति और प्रकृति
प्रजा झुलसती है
प्रज्वलित कौन?
प्रणय-मोक्ष
प्रतिदान
प्रतिबंध
प्रतिरोध
प्रतीक्षा (डॉ शैलजा सक्सेना)
प्रतीक्षा
(प्रताप नारायण सिंह)
प्रत्युत्तर

प्रधूपिता से -
प्रबोध
प्रभात (मीना चोपड़ा)
प्रभात (कवि कुलवंत सिंह)

प्रभु
प्रलय (अंशु शर्मा)
प्रलय... (डॉ. जेन्नी शबनम)
प्रलय का तांडव
प्रलय में फँसी
प्रवास
प्रवासी
प्रवासी वेदना
प्रवासी वेदना: नशे का गुलाम
प्रवाह
प्रश्न (सुनील घई)
प्रश्न (प्रतिमा भारती)
प्रश्न (शबनम शर्मा)
प्रश्न (डॉ. शैलजा सक्सेना)
प्रश्न? (मुकेश कुमार तिवारी)

प्रश्न करने लग गई निशिगन्ध
प्राची और प्रतीची
प्रार्थना (राग संवेदन- पुस्तक)
प्रार्थना (श्यामल सुमन)
प्रिय तुम आना हम खेलेंगे होली
प्रिय के प्रति

प्रिय भाई! प्रिय आलोचक!
प्रियतम
प्रीत का आचमन
प्रीत ---- वि - प्रीत
प्रीति
प्रेम (सुनील घई)
प्रेम (आराधना श्रीवास्तवा)
प्रेम : आकाश है
प्रेम उपहार
प्रेम उत्सव
प्रेम का प्रतीक
प्रेम का रंग
प्रेम की व्युत्पत्ति
प्रेम की सम्भावना
प्रेमगीत
प्रेम गीत की रचना
प्रेमजल !!!
प्रेम-दीप
प्रेम धुर से जुड़ा जीवन धरम
प्रेम बाहर पलेगा
प्रेम में होना
प्रेम मोहताज नहीं
प्रेम लगन
प्रेम क्षणिक है
प्रेम डगर
प्रेमियों की गुफ़्तगू
प्रेरणा की साँस भर देनापण्यसुंदरी
प्यार (अनिल प्रभा कुमार)
प्यार (डॉ.ऋषभदेव शर्मा)
प्यार (रंजना भाटिया)
प्यार (विकास वर्मा)
प्यार का रंग
प्यार किया है मैंने
प्यार की परिभाषा क्या है?
प्यार की मस्ती
प्यार को जो देख पाते
प्यार तुमसा त्याग ....
प्यार-पूजा
प्यारे भइया
प्यास-
१ (रंजना भाटिया)
प्यास- २(रंजना भाटिया)
प्यास (संजीव कुमार बब्बर)
प्यास
   

- ऊपर

   
फगुनाहट
फ़ना / निर्वाण
फफूंदी
फ़र्क
फाइलें
फाग (महेन्द्र भटनागर)
फाग (एम.ए. शर्मा सेहर)
फागुन (राकेश खण्डेलवाल)
फागुन (मानोषी चैटर्जी)
फागुन अब मुझे नहीं रिझाता है
फागुन आया रे!!
फागुन का मादक मास प्रिये!
फागुन की मीठी धूप
फागुन के दिन आ गये
फागुन के रंग

फागुन के स्वर गूँज उठे.....
फागुनी दोहे
फागुनी बयार (हाईकू)
फिर - पूर्णिमा रात होगी
फिर आयो मधुमास
फिर एक बार कहूँ, मुझे प्यार है
फिर कठिन होगा
फिर से कुएँ पर जा-जा कर
फुरसत
फुरसतिया प्रदेश
फूल का जीवन
फूल के दोने
फूलों को हँसते देखा है
फूलों का आँगन
फैलाने दो पंख मुझे
फैशन के रंग
   

- ऊपर

   
बँटवारा
बंद और खुली आँखें
बंद किवाड़ों से अक्सर
बंद पृष्ठों में
बंद होठों को अब तुम्हें ...

बंध
बंधन
बच्चा
बच्चा पिटता है
बचपन
बचा रहे आपस का प्रेम
बचा रहे औरत का चिड़ियापन
बच्चियो !
बच्चे और पौधे
बच्चे की हँसी
बटवारा
बड़ी जोर को सखी ऊ नचैय्या
बड़ी बात
बदनाम लड़की
बदलता मौसम
बदला
बदलाव (बसंत आर्य)
बदलाव (प्रताप नारायण सिंह)
बदले हुए युग की सीता और...
बना रहूँ सदा मनमीत
बनारस
बनारस : दो शब्दचित्र - एक
बनारस : दो श्बदचित्र - दो
बनारस - चार कविताएँ
1. बनारस के घाट
2. बनारस साधारण तरीके का असाधारण शहर
3. यह जो बनारस है
4. काशी में शिव संग
बबुआ
बबूल एक शाश्वत सत्य है
बरगद जलते हैं
बरसों से....
बरसात के बादल
बरसाती नदी
बरसे सावन अब...
बरसों पहले
बरसों से...
बर्फ के गोले
बलिदान चाहिए
बसंत आया (ताँका)
बसंत (दिव्या माथुर)
बसंत (आस्था नवल)
बसंत
बसंत - तांका, हाइकु और हाइगा

बसन्त फिर आने वाला है
बसंत बनाम वैलेंटाइन
बसंत बहार
बस, अच्छा लगता है

बस अच्छे ही लोग मिले
बस आज की रात
बस इतना तुम याद न आओ
बस तुम्हारा नाम गाते
बस पंथ थम गया
बस प्यार-प्यार वो प्यार है
बस यही सुर्ख़ियाँ हैं

बस यूँ ही मैंने
बस स्टॉप पर......
बह जाने दो
बहक गये
बहता जल

बहाना (राग संवेदना)
बहार
बहाना
बहुत चले हैं बिना शिकायत
बहुत दिनों बाद (अनुला)
बहुत दिनों के बाद... (डॉ. विवेक कुमार)
बहुत बड़ा गाँव है मेरा
बाँस बरोबर आया पानी
बाँसलोय में बहत्तर ऋतु
बाँसुरीबार्कले स्क्वैयर के सुनहरी पत्ते
बाजे मृदंग जैसे
बाज़ार
बाढ़ नहीं यह...
बात अनकही सी...!
बात कुछ की कुछ
बात नदी से
बातें क्यों करते हो?
बादल
बादल को घिरते देखा है!
बादल से बातें करती हूँ
बादलों के देश से
बापू : एक उद्‍गार
बापू के बन्दर
बाबरे मन
बाल श्रमिक
बारिश
ब्राह्मण
बासंती दोहे
बॉस
बिंब बंब कविता
बिखरते शब्द
बिखराव
बिगबैंग

बिगाड़
बिछोह (पवन शाक्य)
बिछोह (शबनम शर्मा)
बिटियाएँ)
बिजली का कुहराम
बिन तुम्हारे (पाराशर गौड़)
बिन तुम्हारे (रंजू भाटिया)
बिन पात बिन शूल

बीज
बीती रात का सपना
बीती रात के सपने
बुधिया सोचती है
बुढ़ापा
बुढ़ापा, एक बलिष्ठ मछुहारा
बुभुक्षा
बुरा किया
बुलबुला
बूढ़ा पहाड़ी घर
बूढ़ा बचपन
बे वो काटा
बेख़बर फिर 'मैं'
बेगानापन या अपनापन
बेचारा हूँ
बेज़ार चिड़िया
बोध
बेटियाँ
बेटी (किरण सिंह)
बेटी (रजनीकान्त राकेश)
बेटी (आचार्त बलवन्त)
बेटी (श्वेता मिश्र)
बेटी बचाओ दिवस
बेबसी
बेबी के आने पर
बेरंग
बैरी उर
बैरी हवा
बोझिल हवा

बोर हो रहे हो तुम!
बोलेगा साहित्य मेरा
बोलो बसन्त! तुम कब आओगे?
बौड़म दास
बौरा गया हूँ मैं
बौराया मन

ब्रह्म
ब्रूउट्स यू टू

- ऊपर

   
भँवर
भँवरा
भगवान

भगवान की कृपा से
भटकन
भय
भवसागर से अच्छा होगा
भाई अच्छा कौन?
भाग्य रेख में कुछ संशोधन
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
भारत की बेटियाँ
भारत के लोगों को क्या चाहिये
भारत तुम्हारी नारी की व्यथा
भारतीय जनकवि का प्रणाम
भारतीय दीवारें
भाव की चंचल हवायें
भाव - बिन्दु
भाव मंजूषा

भरपूर्
भिखारी -
दो छोटी कविताएँ
भीड़ भरी सड़कें सूनी - सी..

भीड़ में
भीतर का ठहराव
भाग अमीना भाग
भावों के पाखी
भाषा की खोज
भीगता क़तरा .....!
भूख (अमित कुमार सिंह)

भूख (पाराशर गौड़)
भूख (सीमा असीम सक्सेना)
भूख (लालजी सिंह यादव)
भूख की कालिमा भारी है
भूखा हूँ माँ!
भूत वार्ता
भूल

भेदभाव
भोर की किरन
भ्रम
भ्रमित
भ्रष्टाचार
   

- ऊपर

   
मंगलसूत्र
मंज़िल (दुगेश दुबे)
मंज़िल (बृजमोहन स्वामी "बैरागी")
मंज़िल अनछुई सी
मँझधार
मंत्र-मुग्ध
मंत्री बनाओ तो कोई बात बने
मंथन
मन्दिरों में घंटियाँ
मजबूरी
मजदूर माँ
मज़ार
मच्छर
मतलब की नाव
मदर स्पैरो
मधुबन
मधुमालती (हाइकु)
मधुमास है छाया चलो प्रिये.....
मधुर एहसास
मधुर मिलन
मधुरिम मधुरिम हो लें
मन
मन का कैनवास
मन का चोला
मन का पंछी
मन का समर्पण
मन, कितने पाप किए
मन की छटपटाहट
मन के बंद दरवाज़े
मन की बात
मन के भाव
मन के भीतर
मन होता है
मन के हाइकु
मन को छू जाये
मन तो बसता अपने देश
मन व्यथित मेरे प्रवासी
मन भावन ऋतुराज है आया .....
मनमीत
मन यायावर
मनरंजना! मन रंजना!
मनोकामना.. .
मनोज अबोध के मुक्‍तक
ममत्व
ममत्व के प्रश्न
मयन जाग जाए
मरम्मत
मरुस्थल
मर्यादा
मलबा
मशहूर
महक
महसूस
महा-गणित
महानगर में विदाई
महानगर में संध्या
महाभारत
महारानी के लोकार्पण पर..
महीना अगस्त का
महीयसी महादेवी
महुआ के फूलने के मौसम में
माँ (आशा बर्मन)
माँ (अशोक गुप्ता)
माँ (डॉ. शैलजा सक्सेना)
माँ (शबनम शर्मा)
माँ (शबनम शर्मा)
माँ
(श्बनम शर्मा)
माँ (डॉ. सुनील जोगी)
माँ (कृष्ण कुमार यादव)
माँ (दीपा जोशी)
माँ (पूनम कासलीवाल)
माँ (सुशांत सुप्रिय)
माँ
(सुधीर सिंह "सुधाकर")
माँ (डॉ. राजकुमार पाटिल)

माँ और बच्चा
माँ का आँचल
माँ की कुछ छोटी कवितायें
माँ की गोद
माँ की डिग्रियाँ
माँ की दवा को चोरी करते...
माँ की बरसी
माँ की व्यथा
माँ के क़रीब
माँ क्या है?
माँ, क्यों मुझसे खिन्न-खिन्न है?

माँ गंगा
माँ-जन्
माँ तुम ....

माँ तुम्हें नमन
माँ तेरी ममता को बहुत याद करता हूँ
माँ पर क्षणिकाएँ
माँ भी झूठ बोलती है
माँ शारदा की वंदना
माँ! शारदे तुमको नमन

माता-पिता की महिमा (दोहे)
मातृत्व
मानव बनूँ
मानवता खतरे में पाकर...
मान्यता आस्था
मायने ...
(अमित शर्मा)
मायने
(किशोर गिरडकर)
मायाजाल
मारे गए हैं वे
माहिया
(मंजूषा "मन")
मिट्टी
मिठास
मित्र! तुम्हें अपने मन की...
मित्रता
मियाँ बताओ
मिलन (श्यामल सुमन)
मिलन (डॉ. शैलजा सक्सेना)
मिलन की आस
मिला ना तोड़
मिलन के संग जुदाई है
मिली ही नहीं व्याकरण की गली
मीठी स्मृति
मीडिया और कविता में फर्क....
मुम्बई की बस में
मुँह छिपाकर सभी से...
मुक्तक ( डॉ. एग्नेस ठाकुर)
मुक्तक
(रामेश्वर काम्बोज हिमांशु)
मुक्तक
(रामेश्वर काम्बोज हिमांशु)
मुक्तक (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
मुक्तक
(राघवेन्द्र पाण्डेय राघव)
मुक्तक-२
(राघवेन्द्र पाण्डेय राघव)
मुक्तक-१
(डॉ. शिप्रा शिल्पी)
मुक्ति
मुक्‍तिबोध के नाम
मुख्यधारा
मुग़ालते
मुजरा
मुझे आस है
मुझे जंगली कहो
मुझे नहीं मालूम
मुझे पुकार लो
मुझे सपनों का आकाश चाहिए
मुझको पास बुलाता है
मुझको भुला देना
मुझको हरित बनाओ अब
मुझे मत मारो
मुट्ठी भर
मुसाफ़िर
मुस्काना
मुस्कुरा दो एक बार

मुस्कुराना ज़रूरी है
मृग तृष्णा
मृत्
मृत्यु
मृत्यु - कुछ क्षणिकाएँयु
मृत्यु से पहला परिचय
मृत्यु से मेरा दूसरा परिचय
मृत्यु से मेरा तीसरा परिचय
मेंहदी
मेज की इमेज
मेघ-गीत
मेघ-निमंत्रण
मेघ छाए
मेनोपॉज़
मेरी डायरी के कुछ पन्ने..
मेरी डायरी से -
मेरे मुक्तक
मेरा अर्थ मेरी अर्थी तक
मेरा आकाश

मेरा कहा कहाँ सुनती हो माँ!
मेरा कुत्ता
मेरा घर
मेरा देश
मेरा देश महान

मेरा बचपन
मेरा भी कोई घर होगा ना माँ
मेरा वजूद

मेरा हर गीत सुमन सज ...
मेरा होना......

मेरी कविता
मेरी छत
मेरी दुनियाँ
मेरी बस्ती के सवाल
मेरी व्यथा
मेरी यादों का आकाश
मेरी यादों में
मेरी हक़ूमत हैरान है पहले
...
मेरे गाँव के घर का द्वार
मेरे देश की कन्या
मेरे नन्हे
मेरे प्रभु
मेरे बच्चो, दीवाली का
....
मेरे बिन तुम कहाँ हो
मेरे भीतर, मेरे अंतर्मन में
मेरे भेजे हुए संदेसे
मेरे मार्गदर्शक - पिता और शब्दकोश
मेरे शब्द (सुमन कुमार घई)
मेरे शब्द (मुकेश कुमार तिवारी)
मेरे सवाल
मेला

मेला है भाई मेला है
मैं अजन्मी
मैं आपके प्रिय पेड़ का फूल
मैं इक गीत लिखू
मैं एक अध्यापिका हूँ
मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ
मैं और तुम
मैं और मेरे साथी
मैं और वक़्त
मैं कवि नहीं हूँ
मैं कहाँ का शायर
मैं क्या गीत गाऊँ?
मैं काश! अगर तितली होती
मैं कुछ कहना चाहती हूँ
मैं कुछ नहीं कहता
मैं खुश हूँ

मैं ख़्वाब सहलाता रहा
मैं गाता ही रह गया
मैं गुनहगार हूँ!!
मैं घर लौटा
मैं चाहूँ
मैं चुप हूँ
मैं तुमसे प्‍यार करता हूँ
मैं तुम्हें क्या दूँ?

मैं तो कोई कवि नहीं
मैं तो मैं हूँ
मैं धरा!
मैं कहाँ गलत थी?
मैंने कुछ गालियाँ सीखी हैं
मैं पहाड़ की बेटी
मैं बुझे चाँद सा
मैं ब्रह्मा हूँ
मैं लेखक हूँ
मैं भूल रही हूँ
मैं भ्रष्टाचार मिटाऊँगा
मैं वहीं ठहर गया हूँ
मैं वो गीत ढूँढ़ता हूँ
मैं वर्जनाएँ तोड़ना चाहती हूँ
मैँ शूर
मैं समय से कह आया हूँ
मैं समय हूँ?
मैं ही रही मैं
मैं हूँ एक नदिया
मैं हूँ एक स्त्री
मैं हूँ न तथागत
मैंने इक सपना देखा था
मैंने लिखा नाम बस वह ही
मैंने सबसे पहले
मैनिफेस्टो
मोक्ष का रहस्य
मोबाईल
मोहब्बत
मौत1
मौत2
मौत (रचना श्रीवास्तव)
मोती बरसाता है सावन
मौन (सुमन कुमार घई)
मौन
(श्वेता मिश्र)
मौन
(सीमा असीम सक्सेना}
मौन
(गौरव भारती)
मौन
(अभिलाष गुप्ता)
मौनता
मौसम (नीरज त्रिपाठी)
मौसम (विजय सूरी अज़ीज़)
मौत की शादी
मनुज आजन्म गन्दा न था
मौन-ममता
मौन मुखर!
मौन होने दो
    - ऊपर
   
यथार्थ
यथार्थ (तरुण सोनी तन्वीर)
यथार्थ (सूर्यप्रकाश मिश्रा)
यथार्थ (सुरेन्द्र कुमार सिंह चांस
यमदूत

यह अधखिली कली पाटल की
यह असामान्यता - क्यों?
यह कैसी ज़िद है
यह, चश्मा है श्रीमान
यह जीभ
यह जूता है भाई साहब
यह पल भी यूँ ही गुज़र जायेगा
यह सच है
यह सड़क आम है
यह है कितने प्रकाश वर्षों की दूरी
यहाँ पीपल की छाँव है
यहीं हूँ मैं

याचना
यात्रा (प्रभा मजुमदार)
यात्रा (सुमन कुमार घई)
यात्रा - मैं से तुम तक
यात्रा शून्य की

यात्री
याद (जयप्रकाश मानस)
याद (दिव्या माथुर)
याद (विमला भंडारी)

याद आई पिय न आये
याद आते हैं वे खेत और...
याद किया तुमने या नहीं
याद तुम्हारी आई
यादें (दीपा जोशी)
यादें (विपिन पंवार)
यादें (दिव्या माथुर)
यादें (ज़ेबा रशीद)
यादों का क़र्ज़
यादों का मौसम

यादों के मकान
युगान्तर
युद्ध
युद्ध : दो विचार
युद्ध में औरत
यूँ तो इक नाज़ुक सी ....
यूँ मिली खुशी
यूँ साथ चलते चलते
ये कैसी होली है
ये ज़रूरी था शायद
ये पीढ़ियाँ
ये भी तेरा
ये निरा अकेलापन
ये हवा
यौवन
    - ऊपर
   
रंगीन पतंगें
रच लेता है अक्सर
रचना
रचना है वर्तमान
रबर की चप्पल
रस्ता वही दिखाओ
राख  

राग का विराग
राग - रंग
राग-संवेदन
राग-संवेदन / 2
राज़ की यह बात
राजनीति - मुक्तक
राजनीतिज्ञ
राजनेता
राणा तुमको शत-शत प्रणाम..
रात (रेखा मैत्र)
रात (मीना चोपड़ा)
रात गए फोन
रात भर
रातों को दिल के करघे पर
राम का नाम ले
राम
राम की दीवाली
रामला
राष्ट्र हित में
राष्ट्रभाषा गान
रास्ते
राह बस घूमती रह गई
राही! रु
कती नहीं जवानी
रिश्ता (रंजना भाटिया)
रिश्ता (सविता अग्रवाल "सवि")

रिश्ता खून का
रिश्ता मन से मन का
रिश्ता हमारा और भी ....
रिश्ते (डॉ. रति सक्सेना)
रिश्ते (अंतर्यात्रा)
रिश्ते (अजय चंदेल)
रिश्ते (सुषम बेदी)
रिश्तों का अर्थशास्त्र
रिश्तों की राख
रिश्तों के पुल
रिश्तों पर दीवारें
रीता जीवन
रीती गागर
रूमालों पर
रेखाएँ
रेखाएँ -  पंद्रह क्षणिकाएँ
रेखाचित्र इन्सान
रेत
रेत महल
रेल्वे स्टेशन पर
रो रही हस्तिनापुरी
रोटी
रोटी और आदमी

रोटी, कपड़ा और मकान
रोशनी
    - ऊपर
   
लकीर
लगता है!!
लगन
लघु बिरवा
लड़की - १
लड़की - २
लड़की आज भी
लड़कियाँ
लड़की और संतरंगी सपने
लड़खड़ाने लगी बाग में हवा
लड़ाई-झगड़े-होली की हुल्लड़ियाँ
लमहा

लव यू
लहर
लाचार आँसू
लाचार भगवान
लाडो
लालू जी खेलत है होली
लिख पाया नहीं गीत

लिखता हूँ अध्याय चाह के

लिखता हूँ कविता
लिखने तो दे....
लिपस्टिक
लेकर क्या करोगे
लेखनी अब हो गई स्थिर
लेखनी का प्रश्न
लेखनी में आज
लो आ गई बैसाखी..
लोकतंत्र (शैलेन्द्र चौहान)
लोकतंत्र (शोभा महेन्द्रू)

लौ और परवाना
लौट आओ अश्व

लौटना
    - ऊपर
   
वंश की व्यथा
वक़्त
वक़्त की शतरंज
वक़्त की सेहरा
वक़्त की हवायें
वक़्त के प्रवाह में
वक़्त को रोक लो तुम
वक़्त ने दिल को दिए हैं ...

वक़्त भी कैसी पहेली दे गया
वक्तव्य
वतन (दीप्ति गुप्ता)
वतन (किरण सिंह)
वन में फूले अमलतास हैं
वनवासी गमकता रहे
विडम्बना
वर्ष कहाँ चला गया है
वर्ष तो गया
वर्ष 2005 की मंगल कामनाएँ
वर्ष नया आएग
वरदान
वरदान क्या माँगूँ
वरदान मिले न मिले
वर्तमान परिवेश में साहित्यकारों की भूमिका
वसंत
वसन्त के तीन रूप
वसन्ताभास
वसंत मेरे भीतर उतर आया है
वसीयत (पाराशर गौड़)
वसीयत (डॉ.ऋषभदेव शर्मा
)
वसुंधरा
वह
वह अब भी ढो रही है
वह कविता है
वह चीख चीख कर कहती है ..
वह सावन
वही ज़िन्दगी होती है...
वही तो रक्त है
वाणी ने कर दिया समर्पण
वापसी
वार
वाह री सरिता
विंडो शॉपिंग
विकल्प
विकास
विकास के नाम पर
विकासशील सभ्यता
विजय ध्वज
विजय गीत
विजयोत्सव
विडंबना
विदा-वेला
विदेश में होली
विधवा
विपत्ति-ग्रस्त
वह प्रगतिशील कवि

विकास अभी रुका तो नहीं है
विछोह
विछोह-१
विदा
विदा-वेला
विदाई
विद्यार्थी व्यथा
विद्रोह
विद्रोही
विनाश और रचना
विरह की अगन जलाये रे!
विरह की तड़प
विरासत
विवश पशु
विवशता (शैलेन्द्र चौहान)
विविशता (पाराशर गौड़)
विवाह
विष विरह चौरा और त्रिया चरित
विश्वनिवासी बनते गीत
विश्व पुस्तक मेला
विश्वास (निर्मल सिद्धू)

विश्वास (शकुन्तला बहादुर)
विश्वास (सुरेन्द्र कुमार सिंह चांस)
विश्वास के अंकुर
विषादधारा
विसंगतियाँ
विस्फोट
वीणा धारिणी
वीर
वीरगति
वीरानी
वीरों का कर्तव्य
वे चाहते
वे दरख़्त
वे पहाड़ हो गए हैं
वे लोग
वेदना (पाराशर गौड़)
वेदना (कवि कुलवंत सिंह)
वो (सीमा गुप्ता)
वो (दीप्ति शर्मा)
वो (3 कविताएँ)

वो आँगन का गुलमोहर...
वो औरत
वो कोना
वो क्षण
वो चला आएगा
वो चिड़िया
वो चूल्हा
वो धोतीपगड़ी वाला
वो नज़रें
वो नदी सी
वो बुड्ढा...
वो बूढ़ा (सुनील गज्जाणी)
वो बेचारा बचपन
वो मौसम
वो लम्हा
वो वृद्धा
वो हल्का सा गुलाल
व्यर्थ विषय
व्यथित मन की अरदास
व्यस्तता
व्याकुल
व्याख्या
व्योम का तारा  (
गद्य काव्य)
व्यूह ख़ामोशियों के
    - ऊपर
श-ष    
शक्ति
शत -शत प्रणाम
शनिवा
शबनम
शब्द (शबनम शर्मा)
शब्द (अनिल कुमार)

शब्द (डॉ. प्रभा मुजमुदार)
शब्द गुम होते गए
शब्द नहीं कह पाते
शब्द को कुछ इस तरह
शब्द छिन गये
शब्द-शक्ति
शब्द सभी पथराए
शब्द से दूरी
शब्द-स्वर
शब्दों की दीपमाला
शब्दों के संकेत

शम्मा नहीं जलाऊँगा...
शरद ऋतु (रचना श्रीवास्तव)
शरद ऋतु (भगवत शरण श्रीवास्तव "शरण")
शराब
शराब चीज ऐसी है
शव परीक्षण - गृह
शव भक्षी
शहर
शहर-1
शहर-2
श्वान - पीड़ित
शहर के बीचों-बीच
शहर में चाँदनी

शहीद की माँ
शहीदों के नाम
शांत रुदन
शांति
शादी
शाम
(कुमार लव)
शाम
(श्वेता मिश्र)
शाम ढले
शास्त्र पर सम्वाद जो चाहा
शाहरुख खान
शायद मैं आग हूँ!
शिकवे
शिकायत सब से है लेकिन
शिखर पर
शिलालेख
शिवजी से ज़रा पूछिए

शुभचिंतन
शुभ -सौन्दर्य
(चोका छंद)
शून्यता के राह पर
शो-विण्डो
शोक गीत
शोर
शोषण
    - ऊपर
श्र-शृ    
श्रद्धा की मूर्ति
श्रमेव जयते
श्रृंगार है हिन्दी
श्री पंचमी
श्रेयस्
    - ऊपर
   
संकल्प
संकेतों की भाषा
संगम
संचार का नवाधार : ब्लॉगिंग का संसार
संदेश
संदेही सरि की मँझधार में..
सम्बंध
संभलते हैं
सम्भावना का सपना
संयम
संवाद (
भीष्म उप्रेती)
संवाद एक मौन (मीना चोपड़ा)
संवादों पे सांकल
संस्कारों की पावन चुनर
सवाल
संवेदना
संवेदनाएँ
सखी तू क्यों भई उदास
सच

सच कहता हूँ
सच कहा है मैंने
सच कुछ इस तरह
सच्ची बात लगे बुरी
सच्चाई
सड़क का आदमी
सत्य (प्रो. डॉ. किशोर गिरडकर)
सत्य (विमला भंडारी)
सत्य-असत्य से परे

सत्यम्‌ शरणम्‌ गच्छामि
सत्यवादी
सदा कामना मेरी
संन्यासिनी-सी साँझ
सदा रहे ऋतुराज
सदियों तक पूजे जाते हैं
सपना (सत्यप्रज्ञा)
सपना (श्यामल सुमन)
सपना (शेष अमित)
सपने
सपने बुनती हूँ
सपनों का घर
सपनों की फसल
सपनों के महल
सब सुहावना था
सब के हो जाओगे
सब तुम्हें पाने को है
समझ
समझौता
समर्पण
सफ़र (भुवनेश्वरी पाण्डे)
सफ़र (सुधीर सिंह "सुधाकर")
सफर की तैय्यारी
सफ़र की डगर पर
सफलता पूर्वक जीने की शर्त
सभ्य चेहरे
सभ्यता की पहचान
सभ्यताओं का संघर्ष
समंदर
समझौता (श्यामल सुमन)
समझौता (किशोर गिरडकर)
समभाव
समता का गान
समता-स्वप्न
समय
(शैलेन्द्र चौहान)
समय (पाराशर गौड)
समय (रंजना भाटिया)
समय (धवन भगत)
समय (संजीव कुमार बब्बर)
समय (लालजी सिंह यादव)
समय (समीक्षा तैलंग)
समय का फेर
समय और मेरे बीच
समय का वरदान
समय की पोटली से
समय की वर्ष गाँठ
समय की शिला पर

समय को जानो
समय छीनता है
समय-सांप्रदायिक

समय ही नहीं है
समर्पण
समर्पित गीत
समाज को काटकर ...

समीकरण
समीर लाल के १७ दोहे
समुद्र आँखों का
समुद्र मंथन
समूची धरा बिन ये अंबर अधूरा है
सम्बोधन पर आकर अटकी
सम्मान
सरकता जीवन
सरहद (अभिनव कुमार सौरभ)
सरहद (मीना चोपड़ा)
सर्द मौसम
सललि - दोहे

सलीब
सलोने बन्धन
सरोवर के समीप
सह-आश्रित
सहगामी पथिक

सहमे झरने खड़े
सही ग़लत की दुविधा
साँझ के अँधेरे में
साँझ घिर आई....

साँझ दुश्मन है
साँझ - धुबिनियाँ
सांध्य बेला
साँस
साँस की कीमत चुकाएँ
साँस के तकाज़े
साँस भर जी लो
साईकिल वाली लड़की
साकेत (द्वादश सर्ग)
साक्षात्कार (अनिलप्रभा कुमार)
साक्षात्कार (मनोज मौर्या)
सात फेरे
सार-तत्त्व
सावन
सावन आया गाँव में सबका पूछ रहा है हाल
सावन बहका है
सावन मनमीत
साहित्य कुंज के लिए
साहित्यकार (श्याम कोरी)
साहित्यकार
(मीना पांडे)
सिंहासन सो रहा है

सिक्स्थ सेन्स
सिर-फिरा कबीरा
सिर्फ सोलह साल
सिमटा हुआ आदमी
सिलवटें !!
सिलवटों की सिहरन
सीख

सीधा सा शहर
सीढ़ियाँ
सीपों से मोती पाने को
सीलन

सुंदर उपहार
सुख की हार
सुखी दुखी
सुबह
सुबह का अबार
सुबह की धूप
सुध तेरी भूले मग कैसे

सुन्दरता

सुनहरी धूप (नवल किशोर कुमार)
सुनहरी धूप (अतुल चंद्रा)

सुनामी (अलका प्रमोद)
सुनामी (डॉ. भारतेन्दु श्रीवास्तव)

सुनो प्रह्लाद
सुनो युधिष्ठर
सुबह की धूप
सुरिंदर मास्टर साहब और पापड़-वड़ियों की दुकान
सुनो मर्दो
सुबह-सुबह खिल उठी सुबह

सृजनशील दो हाथ
सूखे पत्ते
सूत न कपास
सूना जीवन
सूनी धरती
सूरज और मैं
सूरज तुम पलायन नहीं कर सकते...
सूर्य
सूर्य : दस तेवरियाँ
सूर्यास्त
सूर्योदय
सृजन
सेदोका (डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा)
सैलाब
सोंधी खुशबू
सोच (रंजना भाटिया)
सोच... (अमित शर्मा)
सोचना
सोचूँ
सोना और काम
सोने का हिरन
सौन्दर्य की मर्यादा
सौगात
स्त्री सरोजनी नौटियाल)
स्त्री (आशा शर्मा)
स्त्री (परी एम. श्लोक)
स्त्री पुरुष
स्त्री विमर्श
स्पर्श (शबनम शर्मा)
स्पर्श (रंजना भाटिया)
स्पर्श (दीपा जोशी)
स्पर्श (ज्योत्स्ना प्रदीप)
स्थिर परम्पराएँ
स्मृति
स्मृति (डॉ० महेन्द्र भटनागर)
स्मृति मरिची
स्मृतियों के वातायन से
स्मृति दंश
स्रष्टा
स्वगत
स्वागत है
स्वामी विवेकानन्द जयन्ती
स्वीकार (सविता अग्रवाल)
स्वीकार (सुरेन्द्र कुमार सिंह चांस)
स्वतंत्रता (अँशु जौहरी)
स्वतन्त्रता (भगवतशरण श्रीवास्तव)
स्वतंत्रता की छटपटाहट
स्वप्न का संसार्
स्वप्निल द्वीप
स्वागत है नई सदी का
स्टिल-बॉर्न बेबी
स्‍टेयरिंग थामती उँगलियाँ
स्मृति
स्वर्ग की तलाश
स्वर्ग - नर्क
स्वयं से स्वयं तक
स्वागत
स्वीकार कर लो
    - ऊपर
   
हँसते ही
हँसना झूठी बातों पर
हँसो गीतिके हँसो
हक़

हक की तहकीकात
हत्या और विनय
हक़ के लिए
हज़ारों वर्षों की कमाई
हड़ताल
हथेली पर सूरज
हम
हम (ओंकारप्रीत)
हम आज़ाद हैं आज
हम आम आदमी
हम ऐसे देश के वासी हैं...
हम और तुम
हम किराये पर लेते हैं ...
हमको सपने सजाना ज़रूरी लगा
हम गीतों के गलियारे में
हम दीप जलाते हैं
हम-दोनों
हम दोनों का एक समर्पण
हम दौड़ते रहे
हम नहीं कहते, कविता ..
हम ने जितना खोया
हम भी कैसे..
हम भी होली खेलते जो होते अपने देश
हम लौटें कल या न लौटे
हमवतनों से
हम विदा हो जायेंगे तो :
"हम" से "मैं" बनने के सफ़र में
हम सोचते हैं
हमारा हिस्सा
हमारे घर
हर एक दिन - मुक्तक
हर कहीं सब कहीं
हर जगह अनुपस्थित
हर पल
हर फिक्र को धुएं में...
हर बार
हर बार ज़िंदगी जीत गई!
हर बार समय
हर रोज़
हर साँस बंदी है यहाँ
हरसिंगार (रंजना भाटिया)
हरसिंगार (हाइकु)

हृदय मिले तो मिलते ...
हवा
हवा के नीचे और ऊपर
हसरत
हसीं मौसम
हस्ती इनकी
हाँ, तुम नारी हो
हाँ! मैं तन बेचती हूँ, तो क्या?
हाँ मैं दलित स्त्री हूँ

हाँ, मैं स्त्री हूँ!!
हाथ
हार मानूँगा नहीं
हाशिये की आवाज़
हास्य
हास्य-सवैया
हाहाकार के कुछ अंश
हिन्दी महिमा -१

हिन्दी महिमा -२
हिंदुस्तान अगर आज़ाद न..
हिंदुस्तानी नारी
हिम कण
हिमखंड
हिमपात (अनिलप्रभा कुमार)
हिमपात (डॉ. शैलजा सक्सेना)
हिम चंद्रिका
हिरण्याक्ष
हिस्सा
हिस्से की धूप
हिन्दी
हीरा है सदा के लिए
हुए दिन बरस-बरस के
हृदय के विचार
हे आतंकवादियो!
हे धर्मराज, मेरी गुहार सुनो
हैरानी
हो ऐसी बारिश
हो शुभ बहुत ये साल नया
होगी किस घड़ी फिर रुत सुहानी
होली
होली (डा० (श्रीमती) तारा सिंह)
होली आई
होली आयी रे!
होली का रंग (रंजना भाटिया)
होली का रंग (राकेश खंडेलवाल)
होली का हुड़दंग
होली की सबों को हार्दिक बधाई
होली की हुल्लड़ियाँ (लड़ाई-झगड़े)
होली की हुल्लड़ियाँ (पकबान)
होली के दिन एक नवजवान...
होली पर्व पर एक लोकगीत
होली.... रंगो का त्यौहार
होली हाइकु
होलिका-दहन
हसीं मौसम
हे पार्थ!
हे प्रियतम

हे भगवान! मुझे कुत्ता मत बनाना
हे माँ वर दे!
होटल का कमरा
होने का अहसास
होने न होने का अंतर?
होरी है
होलिका दहन
होली (डॉ. शुभ्रता मिश्रा)
होली (डॉ. महेंद्र भटनागर)
होली (प्रेम लता पाण्डे)
होली (जयश्री जाजू)
होली आयी रे!
होली का त्यौहार

होली के रंग
होली गीत (डॉ. रमा द्विवेदी)
होली गीत  (स्व. डॉ. रमा सिंह)
होली में ठिठोली
हीरो नीरज
हूँ -1
हूँ - 2
हूँ / फ्रीडम हॉल
हूक उठी दिल में. . .
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क्षणिकाएँ हाइकु ताँका
क्षणिकाएँ के.पी. सक्सेना दूसरे
कुछ क्षणिकाएँ 'प्यार' पर डॉ. रमा द्विवेदी
माँ पर क्षणिकाएँ - अवनीश एस. तिवारी
5 क्षणिकायें डॉ. रमा द्विवेदी
आँखें
चार हाइकु - सविता अग्रवाल सवि
हाइकू (25 )
- धर्म प्रकाश जैन
दीवाली हाइकु - कृष्णा वर्मा
दुनिया / ज़िंदगी
माँ - १० हाइकु - कृष्णा वर्मा
माँ-२ (हाइकु) -कृष्णा वर्मा
हस्ताक्षर
१४ हाइकू - डॉ. शैलजा सक्सेना
दस -हाइकु - डॉ. रमा द्विवेदी
हाइकु गीत - त्रिलोक सिंह ठकुरेला
हाइकु - मुक्तक - विभा रानी श्रीवास्तव
छह हाइकु - विभा रानी श्रीवास्तव
हाइकु - अनिता ललित
हाइकु - कमला घटाऔरा
11-ताँका  - डॉ. रमा द्विवेदी
चोका कुण्डलिया  
आज की नारी काया क्षणभंगुर सुनो
तीखी वाणी बोलते
द्वारे बैठी राधिका
 
   

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