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05.22.2009

कविता

अ-आ, इ-ई, उ-ऊ, ए-ऐ, ओ-औ, , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , म, , , , , श-ष, , , क्ष, त्र, ज्ञ, , श्र-श्रृ  --  क्षणिकाएँ

पुस्तकें    
अन्तर्यात्रा राग-संवेदन मनोव्यथा (खण्ड काव्य)
तारों के गीत हँस-हँस गाने गाएँ हम ! चंदन पानी
जीने के लिए माँ मंथरा बूँद-बूँद आकाश
     
     
अ-आ  इ-ई उ-ऊ
अंकुरित आशाएँ
अंग्रेज़ भोजन माँगेगा
अंतर्नाद
अंतिम गीत लिखे जाता हूँ
अँधेरा
अँधेरों के दिन
अन्तर
अन्ततः
अंतरंग
अन्तरात्मा
अन्तर्यात्रा
अंधकार
अन्त्येष्टि - कुछ भाव
अन्वेषण
अकेलापन
अक्ल दाढ़
अक्सर इन्सान गिरगिट..
अग्नि रेखा
अक्षर
अक्षर और चेहरा
अचानक (नेहा)
अचानक (मुकेश पोपली)
अचेतन
अच्छा नहीं है लगता
अच्छाई और बुराई
अर्चना के पुष्प

अजीब बात
अज्ज आखाँ वारस शाह नूँ

अटक मत
अटूट सत्य
अतिचार
अतीत

अतीत क्या हुआ व्यतीत अथक
अदेह
अधिकार और समर्पण
अधूरा
अधूरा मिलन
अनचाही ज़िन्दगी
अनचाहे खेल
अनन्त महाभारत
अनभूले तुम
अनमोल
अनसुनी कर दो हर वह दस्तक़
अनामिका
अनुत्तरित प्रश्
अनुपमा
अनुभूति (डॉ. रमा द्विवेदी)
अनुभूति (डॉ. महेन्द्र भटनागर)
अनुभूति (डॉ. डीप्ति गुप्ता)
अनुभूति (शशि पाधा)
अनुराग
अनुरोध
अनुल्लिखित

अपना देश अपना गाँव

अपना नहीं कोई है

अपनी ज़िन्दगी
अपने अपने दायित्व
अपने शहर की एक सोई हुई

अपने हृदय की ओर
अपनों के बीच भी कहाँ...

अपहर्ता
अपाहिज व्यथा
अपाहिज
अपेक्षा
अब भी मेरे हो तुम
अबद्ध
अभंगित मौन
अभिनन्दन (संदीप त्यागी)
अभिनन्दन (वीणा विज ’उदित’)
अभिलाषा (दीप्ति गुप्ता)
अभिलाषा (कवि कुलवंत सिंह)
अभिलाषाएँ
अभिवादन
अभिशप्त (प्रतिभा सक्सेना)
अभिशप्त(प्रताप नारायण सिंह)
अभिषेक
अभी मत बोलो
अभ्यास
अभ्युदय
अमर प्रेम……
अमरबेल
अमरीका, खुली हवा में
अमावस को हरने फिर ...
अमृत कुंड
अम्ब विमल मति दे
अय शहीद, तुझे सलाम
अलाव
अवतार
अवधूत
अवमूल्यन
अवशता
अवशेष
अवसाद ग्रस्त लड़की
अविष्कार
अश्रु
अश्रु-नीर

अश्रु-सरिता के किनारे
असंतोष के सिंह तुम ...
असगरी बाई की आवाज़
असलियत बस अँगूठा ...
अस्मिता खो गई

अस्मृति

अस्तित्व (अजन्ता शर्मा)

अस्तित्व (रंजना भाटिया)

अहसास (डॉ. शैलजा सक्सेना)

अहसास (सरिता मेहता)
अहसास (रंजू भाटिया)
अहसास (प्रकाश यादव निर्भीक)

अहसासों की नदी
आँकड़े
आँखें

आँसू
आँसुओं का खजाना
आ गया मधुमास
आ रहा है गाँधी फिर से
आओ जन्मदिन मनाएँ ...
आओ दीप जलाएँ
आईना
आप जिसकी अनुमति दें
आत्मनिरीक्षण
आत्मबल
आत्मा
आकांक्षा
आज अनुभूतियाँ शब्द...
आज उन्हीं शब्दों को मेरी
आज कुछ माँगती हूँ प्रिय...
आज कोई तो फैसला होगा
आज जब गूँगा हृदय है, ...
आज फिर (सीमा गुप्ता)
आज फिर (कुसुम सिन्हा)
आज फिर ढलने लगी है शाम
आज फिर महका किसी ...
आज भी शाम हो गई
आज मेरे शहर ने मुझे ...
आज़ादी का त्योहार
आतंकवाद
आता है नज़र
आत्मपीड़ा
आनन्द मठ
आने वाला कल देखो
आभास
आशंकित शहर
आँसू पी लिए

आँसू बोलते हैं
आया नव वर्ष आया
आयी होली आयी
आप
आप - अंतराल के बाद
आप उपवन में आए
आप चाँदनी
आप-फिर एक बार
आपकी याद
आम बात
आयत और श्लोक
आरक्षण
आवर्तन
आवाज़
आवाज़
आशंकित शहर
आशा की कली
आशान्वित
आशा
आस
आसक्ति
आस्था (रामनिवास मानव)
आस्था (प्रकाश चण्डालिया)
आस्था और विश्वास.......
आस्था का
आस्था घुल रही आज ..
आह्लाद
इंतज़ार (अमित शर्मा)
इन्तज़ार (प्रकाश चण्डालिया)
इंतजार की घड़ी
२१वीं सदी की बेटी
इबारत
इस गँवार को !
इस बार
इस पार - उस पार
इसीलिये मैं मौन रह गया
ई-मेल
ईमान को क्या....

उजाले
उजाला छिन न पाएगा
उठो
उड़ान
उत्तर गुमनाम रहे
उत्तर सारे मौन रह गये
उद्‌बोधन:आध्यात्मिक
उदास लड़की
उदासीनता
उधेड़ बुन
उन दिनों
उन्मुक्त
उन्मुक्त तरंग
उन्हें दर्द होता है
उपसंहार
उम्मीद (सुभाष चौधरी)
उम्मीद (डॉ. ऋतु पल्लवी)
उलझन (रंजना भाटिया)
लझन (रंजना भाटिया)
उलझन (श्यामल सुमन)
उलझन (श्वेता सुधांशु)
उल्लंघन
उस छूट्टी पर!
उस पल यादों के पाखी
उसके लिये भी....
उसको देखना चाहूँ
उसने कहा था
उसमें सब कुछ था
ऊँचाई
ऊब

   

-ऊपर

ए-ऐ ओ-औ
एक अंतहीन कविता
एक अहसास
एक आश्रम अशान्त
एक और संवाद
एक औसत रात: एक औसत दिन
एक कंदील की हो गई रहजनी
एक ख़्वाब टूटा हुआ
एक ख्वाब सा देखा है, ...
एक चिंगारी
एक नया जोश जगायें हम
एक नया विश्वास
एक पाती
एक बीज
एक लम्बी बारिश
एक वह प्रस्तावना हो
एक प्रेमलता कुम्हलाई सी
एक बरार सवा लाख के
एक बूँद हँसी की
एक बौनी बूँद
एक भारतीय पत्र मित्र इनद के नाम
एक भी खिड़की नहीं
एक मीठे गीत-सी तुम
एक छोटी-सी सोच
एक दिवस वह डरा डरा सा
एक बच्चे की हँसी
एक बोल
एक भ्रमर की यात्रा
एक लड़की
एक विक्षिप्त औरत

एक संवाद
एक सीप, एक मोती
एक स्पर्श
एकल
एकात्म के लिए
एडवांस
हसा
एहसास (प्रतिमा भारती)
ऐ दोस्त क्या बताऊँ तुझे!
ऐंटी सेक्युसल हैरेसमेंट कमेटी
एक युग
एक ज़रूरी प्रार्थना
एक अहसास
एस० एम० एस०
ऐ रात संभल कर चल ज़रा

ऐसा हो आतंक प्रचण्ड


ओ अपरिचित ! आओ हम तुम
ओ! चित्रकार
ओ पिया ओ पिया
ओ मेरे प्राणेश-नहीं है कुछ भी
ओ भारत देश महान मेरे
ओ राही
ओ हिम धीरे से गिर
ओस्लो में 20 नवम्बर
ओ भँवर
ओ ख़ुदा
ओ मसीहा
ओ राही
और
...और बातें हो जायेंगी
औरत
औरत और अख़बार
औरत का दर्द
औरत नियति सी
कंधों पर सूरज
कम्पित दीपशिखा
कचनार
कटे पेड़ के पास
कठिन पल
कठिन विदा
कपड़े झड़ रहें हैं 
कब से रही पुकार
कभी
कभी पूछा है ख़ुद से
कन्यादान
कभी-कभी यूँ ही मुस्काना
कभी चले थे साथ-साथ
कमाल की लाईन है
करती है पानी-पानी
करुण वेदना उन की सुन...
कलयुग की मार
कवि तुम पागल हो--?
कविता पुरानी
कर्ज़ का तक़ाज़ा
कर्मफल
कर्मठ गधा
कल
कल्पना
कल्पना के चित्र मेरे
कवच
कवि अपना कर्तव्य निभा तूँ
कविता (स्व. इन्दु जैन)
कविता (डॉ. भारतेन्दु श्रीवास्तव)
कविता (महावीर शर्मा)
कविता (मीना चोपड़ा)
कविता
(सुदर्शन रत्नाकर)
कविता जम गई है-सर्दी का..
कविते!
कविते! तू आयी
कसक
कसक (श्यामल सुमन)
कसबे की साँझ

कहाँ
(सुरेन्द्र कुमार अभिन्न)
कहाँ
(बी मरियम ख़ान)
कहाँ भारतीयपन
कहाँ हैं वो लोग
कहानीकार
कहो पढ़ा क्या प्रियतम तुमने
क्यों न कहो मैं गीत सुनाऊँ
काँटा
काँटों से सेवित है मानवता..,
काँपती किरनें
कामना
कामना (पाराशर गौड़)
कामना (श्यामल सुमन)
काश (दिव्या माथुर)
काश (दिविक रमेश)
काश (किरण सिंह)
काश हृदय पत्थर का होता
काल का बिकराल रूप
काला चाँद
कितना
कितना मुश्किल है
कितने गीत और लिखने हैं
किताब
किताबें
किस ओर चलूँ मैं
किस छाँह तले बिखरा गजरा
किस रास्ते
किससे माँगें अपनी पहचान
किसलिये मैं गीत गाऊँ
किस्तों में ज़िंदगी
क़िस्मत
कीचड़ में कमल

कील पुरानी है

कुछ अनकही सी...
कुछ तुम भूलो, कुछ वो भूलें
कुछ तो गाओ
कुछ निशान वक़्त के
कुछ पता भी न चला
कुछ मंदिरों के अंदर
कुत्ता! बापू की समाधि जा चढ़ा
कुलजीत की हार
कुहासा
कृत्रिमता
केवल तुम हो
कैनवस
कैद
कैद प्यार
कैसे कैसे लोग
कैसे मैं दिल को दिलासा दिलाऊँ
कैसे मैं समझाऊँ
कैसे लाँघी- मर्यादा?
कोई तो जीवित है
कोई तो बतलाये
कोई बात
कोख में पलती बेटी बोली
कोशिश(नवल किशोर कुमार)
कोशिश (डॉ. हृदय नारायण उपाध्याय)
कोयल
कोयला
कौन
कौन ये?
कौन हो तुम
क्या, कहाँ, कब, कौन
क्या जीत लिखूँ क्या
क्या तुम ही हो
क्या संभव इस बार
क्या हूँ  मैं?

क्यूँ
क्यूँ सूरत तेरी मन भायी

क्यों
क्यों?????
क्यों करोगी पढ़ाई
क्या करूँगा
क्यों नहीं...
क्यों फैला है भ्रष्टाचार
क्या भूली??
क्यों ना जीवन से प्यार करूँ
क्रंदन (एक अधूरा गीत)
क्रमशः
    -ऊपर
खंडहर
खंडहर हो चुके अपने ...
ख़त
ख़्वाहिशें
खाटप्रिया
ख़ामोश
ख़ामोश मन्दिर
खास समुदाय
खिलौना (शबनम शर्मा)
खिलौना
(श्यामल सुमन)
ख़ुदा की क़िताब
खुशी
खेद

खो गयी
खो चुका परिचय
ख़ौफ़
गंगाजल
गंधाती सड़क
गणतंत्र-स्मारक
गणितज्ञ का प्यार
गरीबी में
गरीबों का नया साल
गलती
गलती मत करना
ग्लोबल हुआ कार्य क्षेत्र
गाँव में अफ़सर
गिरगिट
गिरगिट के अब्बा श्री
गीत
गीत खुशी के
गीत गाऊँ आज बोलो
गीत की चाहत
गीत गाता जा रहा हूँ
गीत तो हमने लिखे हैं ...
गीत बनने से पहले ...
गीत बहुत बन जाएँगे
गीत मैं गढ़ता रहा हूँ
गीतकार
गीली मिट्टी
ग्रीष्म पर कुण्डलियाँ
गुड मॉर्निंग सूरज!
गुड़ गोबर
गुड़िया हूँ मैं
गुनगुनाया हमें
गुनगुनी धूप
गुर्खा फोर्ट की हाइक
गुर्दा
गुलमोहर
गुलाम
गुलाम देश का मजदूर गीत
गूँज
गेहूँ
गैया
गोकुल आवाज़ें देता है
घट का आकाश
घट का यौवन
घाटी में धूप

घन बरसो मेरे आँगन में
घर
घूँघट खोलती हूँ मैं
    -ऊपर
चन्द आँसू, चन्द हँसी की फुहारें
चन्दन लेप लगाया किसने
चक दे ट्वंटी ट्वंटी
चढ़ता सूरज
चरित्र
चलना होगा साथ-साथ
चले आओ
चयन
चर्चा
चलते चलते जब थक जाऊँगा
चलोगी! मेरे साथ तुम
चाँदनी की उधारी
चाँदनी मुस्कुराते हुए चुप रही
चाँदनी चेहरा छुपाने लगी
चाँदनी रात के
चाँदी के सिक्के
चातक सा मन
चाबी
चालू नम्बर वन
चार मुक्तक
चाह — ?
चाहत (प्रतिमा भारती)
चाहत (श्यामल सुमन)
चाहे कितने दीप जलाना
चिन्तन
चिन्ता (लक्ष्मी शंकर वाजपेयी)
चिंता (धवन भगत)
चितवन किरन गोरिया चाँदनी ..
चितेरे बोल
चित्र मावस का
चित्रों से दोस्ती
चिड़िया का वादा
चिर-वंचित
चीं भैया चीं
चीड़
चुनरी
चुनाव की चाह
चुनाव अभियान
चुनौती
चूल्हा
चूहे
चेतावनी
चेहरे के बि‍म्‍ब
चोट
चौराहा
6 छोटी कविताएँ
छ्ठवाँ तत्त्व
छब्बीस जनवरी

छब्बीस जनवरी नया रंग...

छवि
छवि खो गई जो
छलके शब्दों की गागरिया
छलनी लेकर हाथों में : गीत
छाँव-निवासी
छाप
छोटी छोटी बातें
जंगल
जंगल का सागौन
ज़ख़्म
जनतंत्र-आस्था
जननी के सम्मान की खातिर
जब याद मुझे वो आता है
जब जब आयेगा सावन
जब तुम बरसे
जन्म दे मुझे भी माँ
जवाँ भिखारिन-सी
जमाव

ज़रूरी तो नहीं
जरूरी है
जहाँ चाह, वहाँ राह
ज्योति
ज्योति के तीन शब्द-चित्र
जाइये-आइये
जाग मनवा जाग
जागो
जाड़ा
जानती हूँ मैं
जाना ही था तो ज़िंदगी में ...
जाने क्यों लगता है
जाया न करो
ज़िंदगी
ज़िन्दगी (क्षणिकाएँ)
ज़िन्दगी का सच
ज़िन्दगी का स्वेटर
ज़िन्दगी के रंग(महिमा भटनागर)
ज़िंदगी के रंग (रंजना भाटिया)
ज़िन्दगी को मज़ाक में लेकर

ज़िन्दगी प्रश्न करती रही
ज़िन्दगी बस बिलम्बित...
ज़िन्दगी मोम बन कर ...

जिज्ञासा
जिजीविषु
जितने मिले धूप के टुकड़े
जिन के सिर पर होता कोहिनूर
जिस मोड़ से गुरो
जी चाहता है
जीत
जीने नहीं देते वो
जीवन्त
जीवन
जीवन (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
जीवन का पड़ाव,...
जीवन का यथार्थ
जीवन का सच
जीवन का सत्य
जीवन की साँझ
जीवन के इस संधि पत्र पर
जीवन के ये पल जीवन क्या है?
जीवन गाथा
जीवन मूल्यों में विप्लव हो
जीवन में प्रेम संजीवन है
जीवन मेरा सजीव है प्रिये
जीवन-यात्रा का पाथेय
जीवन सार
जीवन सारांश
जीवन है परेशान
जाने वाले
जाल
जुदाई (दीपा जोशी)
जुदाई (रंजू भटिया)
जेठ की दोपहर
जो चाहिये
जो चाहो तो
जोकर
जुगनू
    -ऊपर
झक मारता हूँ
झंकार
झंकृत
झांसी की रानी लक्ष्मी बाई
झूठ
टपक रहीं हैं खपरैलें
टूटते परिवार
टैग
ट्रैफिक-जाम

ठंडी सी छाँव

ठंडे लोग
ठूँठ
ठूँठ होते पहाड़
    -ऊपर
डर
डाऊनिंग स्ट्रीट के दस नम्बरी..
डायल मी *माधव*
डेंगू से डेंगी
डेड-एंड

 

ढीली पड़ती मुट्ठियाँ
ढूँढता हूँ जिन्दगी में ..
ढूँढता हूँ मैं तुम्हें ...

तन्हाई (समीर लाल ’समीर’)
तन्हाई (प्रो. राजकिशोर प्रसाद)
तन्हाई (सीमा गुप्ता)
तकलीफ़
तड़ित रश्मियाँ
तपती धरती
तब की बात
तम के बढ़ते साये
तमन्ना
तलाश...
तलाश (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
तलाश (प्रकाश यादव निर्भीक)
तलाश आत्मा की

ताज़ा हवा
तिनका ही जब छूट गया तो
तिलस्मी ताबीज़
तीन-त्रिवेणियाँ
तीन मुक्तक (राकेश खंडेलवाल)
तीन मुक्तक (के.पी.सक्सेना ’दूसरे’)
तीर
तीसरे बन्दर का मतलब
तेरी मर्जी
तेरे जाने के बाद
तेरे प्यार को तब मैं सच मानूँ
तुम (राकेश खण्डेलवाल)
तुम.... (डॉ. महेंद्र भटनागर)
तुम (डॉ. यू.एस. आनन्द)
तुम और मैं

तुम चाहो तो
तुम न आये (राकेश खंडेलवाल)
तुम न आये (निर्भीक)
तुम पास तो आओ
तुम मेरे पास हो..
तुम मेरी परछाई हो
तुम लड़की...
तुम न होती तो..... ?
तुम मेरे लिए क्या हो
तुम होते तो
तुम्हारा आगोश
तुम्हारा प्यार
तुम्हारा संस्मरण
तुम्हारी कसम
तुम्हारी मुस्कान
तुम्हारी वह मुस्कान
तुम्हारे अस्तित्व की जननी...
तुम्हारे चित्र
तुम्हारे पास

तुम्हारे प्यार से
तुम्हारे फूल
तुम्हारे लिए
तुम्हारे हाथ
तुम्हें गीत बन जाना होगा
तुमने मुझे याद किया होगा
तुलना
तुषार
तू
तू जो साथ तो
तू कितना मेरे दिल के पास है
तू पीठ सीधी रख ओ लड़की!
तू सबसे सुंदर है
तुम न आये
तुमने मुझसे कहा, लिखूँ मैं..
तुम्हारा पत्र
तेरी याद आई
तेरे अधर !
तेरे नाम लिखूँ
तैर रहे हैं गाँव
तो जगा देना।
    -ऊपर
थम सी गई पृथ्वी
थरथराती हुई उँगलियों से
थिरकन
दंभी
दरख़्तों के साये तले
दरवाजा खटखटाते सपने
दर्द
दर्द का पैमाना
दर्द दिल का
दर्पण
दस बूँदे
दहेज़ की कुरीति
दादाजी
दिन
दिल का दर्द
दिल की बातें
दिल तुम बिन डूबा जाता है !
दिल से
दिवाली
दिव्य मूर्ति
दिशा विहीन
दिशाहीन
दीदार
दीप
दीप जलाने हों तो
दीप्ति ही तुम्हारी सौन्दर्यता है
दीपमाला
दीवाली (आशा बर्मन)
दीवाली
डॉ.भारतेन्दु श्रीवास्तवदीपावली के अवसर पर
दीवाली मनाना है
दीपावली 2004
दीवाली संकल्प
दुआ
दुख का दर्द
दुख के बारे में एक कविता
दुख विगलन
दुनिया की कल्पना
दुनिया बहुत आगे जा चुकी है...
दुनिया मुझसे चलती है

दुल्हन
(भाना कुँअर)
दुल्हन
(एम.ए. शर्मा)
दूर दूर रहते हुये

दूरत्व
दूरवर्ती से
दृष्टि
दॄष्टि के चुम्बन
देख
देख लिया
देश : दस तेवरियाँ
दर्द का अहसास
दर्द घुटन और औरत
दुनिया की कल्पना
दो चार पल
दो ध्रुव
दो पल
शब्द कहाँ से लाऊँ वो?
दो फूल
दोहरा जीवन जीते हैं हम
दोराहे पर जीता मन
दोषी कौन
दोहे (श्यामल सुमन)
दोहे (डॉ. राजेन्द्र गौतम)
दोहे (डॉ० यू० एस० आनन्द)
दोहे (मानोशी चटर्जी)
दोहे आनन्द के
दौड़
दौड़ है अँधी जीवन की
दोहे : 15 अगस्त
द्वन्द्व

द्वापर-प्रसंग

धड़कनों पे धड़कनें
धरती का दुख
धुआँ
धुँध के मिटते चेहरे
धूल भरी परत
धूप
धूप को वह पथ दिखाये
धूप गुनगुनी
धूप-ताप
धरती माँ
  -ऊपर
न जाने क्या होगा
नई सदी के लोग
नए वर्ष का नया सवेरा
नए समीकरण
नए साल में क्या दूँ
नक्सली समस्या
नजर अपनी अपनी
नज़रिया
नन्हा बच्चा
नदी (जयप्रकाश मानस)
नदी (रवीन्द्र प्रभात)
नमी

नयन - पीर
नयन बावरे गए आज भर
नया सबेरा
नयी नारी
नए साल की शुभकामनाएँ
नये पत्ते डाल पर आने
नरम ख़ामोशी
नव वर्ष
नव-वर्ष (डॉ. महेन्द्र भटनागर)नववर्ष (शबनम शर्मा)
नव वर्ष (राखी चन्दूक)
नव वर्ष (राकेश खण्डेलवाल)
नव वर्ष (रामेश्वर काम्बोज)
नव वर्ष (निर्मल सिद्धू)
नव वर्ष आया है द्वार

नव वर्ष की मंगल बेला पर
नव वर्ष पर मुक्तक और शे’र
नव वर्ष प्रकाश
नया साल
नये वर्ष की शुभकामनाएँ
नवल वर्ष
नवल वर्ष की मंगल कामनाएँ
नवल सृजन
नशे बाज की यही कहानी
नसीब
नसों में जब बहती है
नहीं
नहीं छोडेंगे हम धूम्रपान कभी
नहीं बाँटते अब दर्द शब्द, ...
नहीं मिलेंगी मंजिलें
नहीं संभव रहा
नहीं होता
नहीं होती
नाग
नागफनी
नाम
नाम तुम्हारा आ जाता है
नाम मैंने लिखा प्रीत का
नाम है मेरा विश्वास
नायाब अहसास
नारी (श्यामल सुमन)
नारी (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
नारी (डॉ. महेंद्र भटनागर)
नारी की सृष्टि

नारी - पुरुष
निगाहों के प्रश्न

निजत्व
नित्य नये-नये रूपों में
निद्रा आ उन्हें फिर भेड़ती है
नियति (प्रतिमा भारती)
नियति (कुमार लव)
निरन्तर (सुनील गज्जाणी)
निरन्तर (डॉ. प्रभा मुजुमदार)
निरन्तरता
निवेदन
निशब्द फिर भी शब्द होते हैं
निशान छोड़ते प्रेत
निश्चय
निश्छल भाव
निष्कर्ष
निष्कर्ष (राग-संवेदन)
नीति

नींद के साथ शतरंज
नींव की ईंट
नीर पीर
नीलकंठ
नीलकण्ठ तो मैं नहीं हूँ
नेक दिल
नेकी
नेवोन्मेष
नैतिक मूल्य
नूतन वर्ष
नू

पंख ही चुनते रहे
पंचमढ़ी
पंडितजी
पकबान - होली की हुल्लड़ियाँ

पगली

पछुआ के निश्वास
पतझड़ (सुभाषिणी खेतरपाल)
पतझड़ ( डॉ. एग्नेस ठाकुर)
पतझड़ का अध्याय खुला
पत्थर
परख
परदेसिन धूप
परदेसी सबेरा
परम विश्व का परम विराट
पराया धन
परायों के घर
परिक्रमा
परिचय ?
परिधि–परिधि में घूमता हूँ मैं
परिणाम
परिभाषाएँ
परियों के देश में
परिवर्तन

परिवर्तन (राग-संवेदन)
परीक्षा भवन
परेशान गिरगिट
पल दो पल
पसन्द
पसीने की कमाई
पहचान - अपनी
पहाड़
पहाड़ का दुःख
पहाड़ पर
पहाड़िया
पहाड़ी नदी के बारे ें
पहेली
पाँवों में पहिए लगे
पागल भिखारी
पानी
पावन नाम
पास वर्ड
पाहुन (दीपा जोशी)
पाहुन (शशि पाधा)
पिघलते जज़बात
पिता
पिता सरीखे गाँव
पी. एम. की कुर्सी
पीड़ा (दीपा जोशी)
पीड़ा (पाराशर गौड़)
पीड़ा को विश्व का साम्राज्य दो
पीड़ा सुख
पीड़ा से लिया जोड़ है नाता !
प्रीत ---- वि - प्रीत
पुखराजी धूप
पुनर्जन्म
पुन्न के काम आये हैं
पुरवा
पुराना घर
पुष्प
पुष्प की कामना
पुत्र मोह .एक छलावा
पूजा की थाली
पूर्णस्य पूर्णमादाय......
पूर्वाभास
पेड़ ..एक
पेड़...दो
प्रणय गीत
प्रकाश
प्रकाश दिवस
प्रकाश पर्व पर
प्रकृति की दीवाली
प्रकृति और मैं
प्रक्रिया
प्रजा झुलसती है
प्रज्वलित कौन?
प्रणय-मोक्ष
प्रतिदान
प्रतीक्षा (डॉ शैलजा सक्सेना)
प्रतीक्षा
(प्रताप नारायण सिंह)
प्रत्युत्तर
प्रधूपिता से -
प्रबोध
प्रभात (मीना चोपड़ा)
प्रभात (कवि कुलवंत सिंह)
प्रभु

प्रलय
प्रलय का तांडव
प्रलय में फँसी
प्रवास
प्रवासी
प्रवासी वेदना
प्रवासी वेदना: नशे का गुलाम
प्रवाह
प्रश्न (सुनील घई)
प्रश्न (प्रतिमा भारती)
प्रश्न (शबनम शर्मा)
प्रश्न (डॉ. शैलजा सक्सेना)
प्रश्न? (मुकेश कुमार तिवारी)

प्राची और प्रतीची
प्रार्थना
प्रिय भाई! प्रिय आलोचक!
प्रियतम
प्रीति
प्रेम
प्रेम उपहा
प्रेम उत्सव
प्रेम का प्रतीक
प्रेम की व्युत्पत्ति
प्रेमगीत
प्रेम गीत की रचना
प्रेमजल !!!
प्रेम-दीप
प्रेम धुर से जुड़ा जीवन धरम
प्रेम बाहर पलेगा
प्रेम मोहताज नहीं
प्रेम लगन
प्रेम क्षणिक है
प्रेम डगर
प्रेरणा की साँस भर देना
प्यार

प्यार (रंजना भाटिया)

प्यार का रंग
प्यार की परिभाषा क्या है?
प्यार तुमसा त्याग ....
प्यार-पूजा
प्यार की मस्ती
प्यार को जो देख पाते
प्यारे भइया
प्यास-१ (रंजना भाटिया)
प्यास- २(रंजना भाटिया)
प्यास (संजीव कुमार बब्बर)
फगुनाहट
फ़ना / निर्वाण
फाइलें
फाग
फागुन (राकेश खण्डेलवाल)
फागुन (मानोषी चैटर्जी)
फागुन आया रे!!
फागुन का मादक मास प्रिये!
फागुन की मीठी धूप
फागुन के रंग
फागुनी दोहे
फागुनी बयार (हाईकू)
फिर - पूर्णिमा रात होगी
फिर आयो मधुमास
फुरसत
फूलों को हँसते देखा है
फूलों का आँगन
फैशन के रंग
    -ऊपर
बंद और खुली आँखें
बंद पृष्ठों में
बंद होठों को अब तुम्हें ...
बंध
बच्चा
बचपन
बच्चियो !
बच्चे और पौधे
बच्चे की हँसी
बटवारा
बड़ी बात
बदलाव (बसंत आर्य)
बदलाव (प्रताप नारायण सिंह)
बदले हुए युग की सीता और...
बना रहूँ सदा मनमीत
बनारस
बनारस : दो शब्दचित्र - एक
बनारस : दो श्बदचित्र - दो
बबुआ
बरगद जलते हैं
बरसों से....
बरसात के बादल
बरसाती नदी
बरसे सावन अब...
बरसों पहले
बरसों से...
बस पंथ थम गया
बस यही सुर्ख़ियाँ हैं
बस यूँ ही मैंने
ब्राह्मण
बलिदान चाहिए
बसंत (दिव्या माथुर)
बसंत (आस्था नवल)
बसंत बनाम वैलेंटाइन
बसन्त फिर आने वाला है
बस इतना तुम याद न आओ
बस तुम्हारा नाम गाते
बहक गये
बहता जल

बहाना (राग संवेदना)
बहार
बहाना
बहुत चले हैं बिना शिकायत
बहुत दिनों बाद
बाँस बरोबर आया पानी

बाँसलोय में बहत्तर ऋतु
बाँसुरी

बार्कले स्क्वैयर के सुनहरी पत्ते
बाढ़ नहीं यह...
बात अनकही सी...!
बात कुछ की कुछ
बातें क्यों करते हो?
बादल
बादल से बातें करती हूँ
बादलों के देश से
बापू : एक उद्‍गार
बापू के बन्दर
बारिश
बॉस
बिखरते शब्द
बिगबैंग
बिगाड़
बिछोह
बिटियाएँ)
बिजली का कुहराम
बिन तुम्हारे (पाराशर गौड़)
बिन तुम्हारे (रंजू भाटिया)
बिन पात बिन शूल
बीज
बीती रात का सपना
बीती रात के सपने
बुढ़ापा
बुढ़ापा, एक बलिष्ठ मछुहारा
बुभुक्षा

बुरा किया
बूढ़ा बचपन
बे वो काटा
बेचारा हूँ
बेज़ार चिड़िया
बेटी
बेबी के आने पर
बैरी उर
बैरी हवा
बोझिल हवा
बोलो बसन्त! तुम कब आओगे?
बोध
बौराया मन
भँवर
भँवरा
भगवान की कृपा से
भटकन
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
भाव की चंचल हवायें
भाव - बिन्दु
भाव मंजूषा
भरपूर्
भिखारी - दो छोटी कविताएँ
भीड़ भरी सड़कें सूनी - सी..

भीड़ में
भूत वार्ता
भाग अमीना भाग
भावों के पाखी
भाषा की खोज
भूख (अमित कुमार सिंह)
भूख (पाराशर गौड़)
भोर की किरन
भ्रमित
भ्रष्टाचार

मंज़िल
मंज़िल अनछुई सी
मंत्र-मुग्ध
मंत्री बनाओ तो कोई बात बने
मंथन
मन्दिरों में घंटियाँ
मजबूरी
मजदूर माँ
मज़ार
मतलब की नाव
मधुर एहसास
मधुरिम मधुरिम हो लें

मन, कितने पाप किए

मन की बात
मन के भाव
मन के भीतर

मन के हाइकु
मन तो बसता अपने देश

मन होता है
मन व्यथित मेरे प्रवासी
मनरंजना! मन रंजना!
मनोकामना.. .
ममत्व
ममत्व के प्रश्न
मयन जाग जाए
मरम्मत
मरुस्थल
मर्यादा
मलबा
मशहूर
महानगर में विदाई
महानगर में संध्या
महारानी के लोकार्पण पर..
महीना अगस्त का

महुआ के फूलने के मौसम में

माँ (आशा बर्मन)
माँ (अशोक गुप्ता)
माँ (डॉ. शैलजा सक्सेना)
माँ (शबनम शर्मा)
माँ (शबनम शर्मा)
माँ (डॉ. सुनील जोगी)
माँ (कृष्ण कुमार यादव)
माँ (दीपा जोशी)

माँ अब

माँ का आँचल
माँ की कुछ छोटी कवितायें
माँ की डिग्रियाँ
माँ की व्यथा
माँ क्या है?
माँ-जन्
माँ तुम ....
माँ शारदा की वंदना
माँ! शारदे तुमको नमन
माता-पिता की महिमा (दोहे)
मातृत्व
मान्यता आस्था
मायने ...
मायाजाल
मारे गए हैं वे
मिट्टी
मित्र! तुम्हें अपने मन की...
मिलन (श्यामल सुमन)
मिलन (डॉ. शैलजा सक्सेना)
मिलन की आस
मीठी स्मृति
मीडिया और कविता में फर्क....
मुक्तक ( डॉ. एग्नेस ठाकुर)
मुक्तक
(रामेश्वर काम्बोज ’हिमांशु)
मुक्तक(रामेश्वर काम्बोज ’हिमांशु)
मुक्तक (डॉ. दीप्ति गुप्ता)
मुक्ति
मुक्‍तिबोध के नाम
मुख्यधारा
मुजरा
मुझे आस है
मुझे जंगली कहो
मुझे सपनों का आकाश चाहिए
मुझको पास बुलाता है
मुझको भुला देना
मुझको हरित बनाओ अब
मुझे मत मारो
मुट्ठी भर
मुसाफ़िर
मुस्काना
मुस्कुराना ज़रूरी है
मृग तृष्णा
मृत्
मृत्यु - कुछ क्षणिकाएँयु
मृत्यु से पहला परिचय
मृत्यु से मेरा दूसरा परिचय
मृत्यु से मेरा तीसरा परिचय
मेंहदी
मेज की इमेज
मेघ-गीत
मेघ छाए
मेरे मुक्तक
मेरा आकाश
मेरा कुत्ता
मेरा घर
मेरा देश
मेरा देश महान
मेरा बचपन
मेरा वजूद
मेरा होना......
मेरी छत
मेरी दुनियाँ
मेरी व्यथा
मेरी यादों का आकाश
मेरी यादों में
मेरे देश की कन्या
मेरे प्रभु
मेरे भीतर, मेरे अंतर्मन में
मेरे भेजे हुए संदेसे
मेरे शब्द (सुमन कुमार घई)
मेरे शब्द (मुकेश कुमार तिवारी)
मेला

मैं अजन्मी
मैं इक गीत लिखू
मैं एक अध्यापिका हूँ
मैं और तुम
मैं और मेरे साथी
मैं और वक़्त
मैं काश! अगर तितली होती
मैं कुछ कहना चाहती हूँ
मैं खुश हूँ

मैं गाता ही रह गया
मैं घर लौटा
मैं चुप हूँ
मैं तुम्हें क्या दूँ?

मैं पहाड़ की बेटी
मैं ब्रह्मा हूँ
मैं लेखक हूँ
मैं भूल रही हूँ
मैं ही रही मैं
मैंने इक सपना देखा था
मैंने लिखा नाम बस वह ही
मोक्ष का रहस्य
मौत1
मौत2
मौत (रचना श्रीवास्तव)
मोती बरसाता है सावन
मौन
मौनता
मौसम
मौत की शादी
मनुज आजन्म गन्दा न था
मौन मुखर!
मौन होने दो
  -ऊपर
यथार्थ
यह कैसी ज़िद है
यह, चश्मा है श्रीमान
यह जीभ
यह जूता है भाई साहब
यह है कितने प्रकाश वर्षों की दूरी
यह असामान्यता - क्यों?
यह पल भी यूँ ही गुज़र जायेगा
यहाँ पीपल की छाँव है
यमदूत
याचना
यात्रा
यात्रा - मैं से तुम तक
यात्रा शून्य की
यात्री
याद
याद आई पिय न आये
याद आते हैं वे खेत और...
याद किया तुमने या नहीं
याद तुम्हारी आई
यादें (दीपा जोशी)
यादें (विपिन पंवार)
यादें (दिव्या माथुर)
यादों का मौसम
युगान्तर
युद्ध
युद्ध : दो विचार
युद्ध में औरत
यूँ मिली खुशी
यूँ साथ चलते चलते
ये कैसी होली है
ये पीढ़ियाँ
ये हवा
यौवन
रंगीन पतंगें
रचना
रचना है वर्तमान
रबर की चप्पल
राख  
राग का विराग
राग-संवेदन
राग-संवेदन / 2
राजनीति - मुक्तक
राजनीतिज्ञ
रात (रेखा मैत्र)
रात (मीना चोपड़ा)
रात गए फोन
रात भर
राम का नाम ले
राम
राम की दीवाली
रामला
राष्ट्रभाषा गान
रास्ते
राह बस घूमती रह गई
राही! रुकती नहीं जवानी
रिश्ता
रिश्ता खून का
रिश्ता मन से मन का
रिश्ता हमारा और भी ....
रिश्ते (डॉ. रति सक्सेना)
रिश्ते (अंतर्यात्रा)

रिश्ते (सुषम बेदी)
रिश्तों का अर्थशास्त्र
रिश्तों पर दीवारें
रीता जीवन
रूमालों पर
रेखाएँ
रेखाचित्र इन्सान
रेत
रेत महल
रेल्वे स्टेशन पर
रोटी
रोटी और आदमी
रोशनी
लकीर
लगन
लड़की आज भी
लड़खड़ाने लगी बाग में हवा
लड़ाई-झगड़े-होली की हुल्लड़ियाँ
लमहा
लहर
लाचार आँसू
लाचार भगवान
लालू जी खेलत है होली
लिख पाया नहीं गीत

लिखता हूँ अध्याय चाह के
लेखनी अब हो गई स्थिर
लेखनी का प्रश्न
लेखनी में आज
लो आ गई बैसाखी……..
लोकतंत्र (शैलेन्द्र चौहान)
लोकतंत्र (शोभा महेन्द्रू)

लौ और परवाना
लौट आओ अश्व
    -ऊपर
श-ष
वंश की व्यथा

वक़्त
वक़्त की शतरंज
वक़्त की सेहरा

वक़्त की हवायें
वक़्त के प्रवाह में
वक़्त को रोक लो तुम
वक़्त ने दिल को दिए हैं ...
वक़्त भी कैसी पहेली दे गया
वक्तव्य
वतन (दीप्ति गुप्ता)
वतन (किरण सिंह)
वन में फूले अमलतास हैं
वनवासी गमकता रहे
वर्ष तो गया
वर्ष 2005 की मंगल कामनाएँ
वर्ष नया आए
वरदान
वरदान क्या माँगूँ
वरदान मिले न मिले
वसन्ताभास
वसीयत
वह कविता है
वह चीख चीख कर कहती है ..
वह सावन
वाणी ने कर दिया समर्पण
विकास
विकास के नाम पर
विकासशील सभ्यता
विजय ध्वज
विजय गीत
विजयोत्सव
विदा-वेला
विधवा
विपत्ति-ग्रस्त
वह प्रगतिशील कवि

विकास अभी रुका तो नहीं है
विदा

विदा-वेला

विदाई
विद्यार्थी व्यथा
विरह की अगन जलाये रे!
विरासत
विवश पशु
विवशता (शैलेन्द्र चौहान)
विविशता (पाराशर गौड़)
विवाह
विष विरह चौरा और त्रिया चरित
विश्व पुस्तक मेला
विश्वास (निर्मल सिद्धू)

विश्वास (शकुन्तला बहादुर)
विश्वास के अंकुर
विस्फोट
वीणा धारिणी
वीरानी
वीरों का कर्तव्य

वृद्धा-पुराण

वे पहाड़ हो गए हैं
वे लोग
वेदना (पाराशर गौड़)
वेदना (कवि कुलवंत सिंह)
वो
वो (3 कविताएँ)
वो आँगन का गुलमोहर...
वो कोना
वो क्षण
वो चला आएगा
वो चिड़िया
वो नज़रें
वो बुड्ढा...
वो बूढ़ा (सुनील गज्जाणी)
वो बेचारा बचपन
वो लम्हा
वो वृद्धा
व्यर्थ विषय
व्योम का तारा  (गद्य काव्य)
व्यूह ख़ामोशियों के
शत -शत प्रणाम
शनिवा
शब्द (शबनम शर्मा)
शब्द (डॉ. प्रभा मुजमुदार)
शब्द नहीं कह पाते
शब्द को कुछ इस तरह
शब्द छिन गये
शब्द सभी पथराए
शब्द से दूरी
शब्द-स्वर
शरद ऋतु
शराब चीज ऐसी है
शव भक्षी
श्वान - पीड़ित
शहर के बीचों-बीच
शादी
शाम
शाहरुख खान
शिकवे
शिखर पर
शिवजी से ज़रा पूछिए

शून्यता के राह पर
शो-विण्डो
शोक गीत
शोर
शोषण
संकल्प
संकेतों की भाषा

संभलते हैं
सम्भावना का सपना
संयम

संवाद (भीष्म उप्रेती)
संवाद एक मौन (मीना चोपड़ा)

संवेदना
सच कुछ इस तरह
सच के लिये

सच्ची बात लगे बुरी
सच्चाई
सड़क का आदमी
सत्य की पूजा
सत्यम्‌ शरणम्‌ गच्छामि
सत्यवादी
सदा कामना मेरी
संन्यासिनी-सी साँझ
सदा रहे ऋतुराज
सदियों तक पूजे जाते हैं
सपना (सत्यप्रज्ञा)
सपना (श्यामल सुमन)
सपने
समझ
समझौता
सफ़र
सफर की तैय्यारी
र की डगर पर
सफलता पूर्वक जीने की शर्त
सभ्यता की पहचान
सभ्यताओं का संघर्ष
समंदर
समझौता
समभाव
समता का गान
समता-स्वप्न
समय
(शैलेन्द्र चौहान)
समय (पाराशर गौड)
समय (रंजना भाटिया)
समय (धवन भगत)
समय (संजीव कुमार बब्बर)
समय का फेर
समय और मेरे बीच

समय का वरदान

समय की वर्ष गाँठ
समय की शिला पर
समय को जानो
समय छीनता है
समय-सांप्रदायिक
समय ही नहीं है
समर्पण
समर्पित गीत
समाज को काटकर ...
समीकरण
समीर लाल के १७ दोहे
समुद्र आँखों का
समुद्र मंथन
सम्बोधन पर आकर अटकी
सम्मान
सरकता जीवन
सरहद (अभिनव कुमार सौरभ)
सरहद (मीना चोपड़ा)
सललि - दोहे

सलोने बन्धन
सरोवर के समीप
स्वर्ग की तलाश
स्वर्ग - नर्क
स्वागत
सह-आश्रित
सहगामी पथिक
सहमे झरने खड़े
साँझ घिर आई....
साँझ दुश्मन है
साँझ - धुबिनियाँ
साँस

साँस की कीमत चुकाएँ

साँस के तकाज़े

साँस भर जी लो

साकेत (द्वादश सर्ग)
साक्षात्कार
सात फेरे
सार-तत्त्व
सावन
साहित्य कुंज के लिए
साहित्यकार
सिर-फिरा कबीरा
सिर्फ सोलह साल
सिलवटों की सिहरन
सीख
सीधा सा शहर
सीढ़ियाँ
सीपों से मोती पाने को
सुंदर उपहार
सुख की हार
सुबह
सुबह का अबार
सुबह की धूप
सुध तेरी भूले मग कैसे
सुनहरी धूप
सुनामी (अलका प्रमोद)
सुनामी (डॉ. भारतेन्दु श्रीवास्तव)
सुनो युधिष्ठर
सृजनशील दो हाथ
सूखे पत्ते
सूत न कपास

सूना जीवन
सूनी धरती
सूरज और मैं
सूर्य
सूर्य : दस तेवरियाँ
सूर्यास्त
सूर्योदय
सृजन
सोंधी खुशबू
सोच (रंजना भाटिया)
सोच... (अमित शर्मा)
सोचना

सोचूँ
सोना और काम
सोने का हिरन
सौन्दर्य की मर्यादा
सौगात
स्त्री
स्त्री पुरुष
स्त्री विमर्श
स्पर्श (शबनम शर्मा)
स्पर्श (रंजना भाटिया)
स्पर्श (दीपा जोशी)

स्थिर परम्पराएँ
स्मृति
स्मृति (डॉ० महेन्द्र भटनागर)
स्मृति मरिची
स्मृतियों के वातायन से
स्मृति दंश
स्वगत
स्वतंत्रता (अँशु जौहरी)
स्वतन्त्रता (भगवतशरण श्रीवास्तव)
स्वतंत्रता की छटपटाहट
स्वप्न का संसार्
स्वप्निल द्वीप
स्वागत है नई सदी का
    -ऊपर
क्ष त्र
हँसो गीतिके हँसो
हक की तहकीकात
हत्या और विनय
हक़
हक़ के लिए
हड़ताल
हम
हम आज़ाद हैं आज
हम और तुम
हम किराये पर लेते हैं ...
हम गीतों के गलियारे में
हम दीप जलाते हैं
हम नहीं कहते, कविता ..
हम ने जितना खोया
हम लौटें कल या न लौटे
हमवतनों से
हमारे घर
हर कहीं सब कहीं
हर पल
हर फिक्र को धुएं में...
हर बार ज़िंदगी जीत गई!
हर बार समय
हर रोज़
हर साँस बंदी है यहाँ
हरसिंगार
हृदय मिले तो मिलते ...
हवा
हवा के नीचे और ऊपर
हसरत
हसीं मौसम
हाँ , तुम नारी हो
हाँ ! मैं तन बेचती हूँ, तो क्या?
हाईकू (25 )
हास्य
हास्य-सवैया
हिन्दी महिमा -१
हिन्दी महिमा -२
हिंदुस्तान अगर आज़ाद न..
हिम कण
हिमपात
हिम चंद्रिका
हिरण्याक्ष
हिस्सा
हिन्दी
हे धर्मराज, मेरी गुहार सुनो
हैरानी
हो ऐसी बारिश
हो शुभ बहुत ये साल नया
होली
होली (डा० (श्रीमती) तारा सिंह)
होली आई
होली आयी रे!
होली का रंग (रंजना भाटिया)
होली का रंग (राकेश खंडेलवाल)
होली का हुड़दंग
होली की हुल्लड़ियाँ (लड़ाई-झगड़े)
होली की हुल्लड़ियाँ (पकबान)
होली के दिन एक नवजवान...
होली.... रंगो का त्यौहार
हसीं मौसम
हे प्रियतम
हे भगवान! मुझे कुत्ता मत बनाना
हे माँ वर दे!
होटल का कमरा
होलिका दहन
होली (डॉ. महेंद्र भटनागर)
होली (प्रेम लता पाण्डे)
होली आयी रे!

होली का त्यौहार
होली के रंग
होली गीत
होली में ठिठोली
हीरो नीरज

हूँ -1
हूँ - 2
हूँ / फ्रीडम हॉल
हूक उठी दिल में. . .
क्षत-विक्षत त्रिवेणी
    -ऊपर
ज्ञ श्र-श्रृ
    श्रद्धा की मूर्ति
श्रृंगार है हिन्दी
श्री पंचमी
श्रेयस्
    -ऊपर
क्षणिकाएँ    
क्षणिकाएँ के.पी. सक्सेना ’दूसरे’
कुछ क्षणिकाएँ 'प्यार' पर डॉ. रमा द्विवेदी