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12.31.2007

अनूदित साहित्य

अ-आ-ऊ, ए-ऐ, ओ-औ, , ख्, , , , , , , , , , , , , , , , , , , म, , , , , श-ष, , , क्ष, त्र, ज्ञ, , श्र-श्रृ, इ-ई,
अ-आ  इ-ई उ-ऊ
अज आखाँ वारस शाह नूँ
अपने मठ की ओर -विशाल
आम आदमी - डॉ. सुखपाल सिंह
  उदास वक्त में मैंने -सुरजीत पातर

 

 

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ए-ऐ ओ-औ

 

कश्मीरी पंडितों के नाम
कहाँ जाऊँ मैं
- बशीर अतहर
   

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    घोड़ा और बुज़ु़र्ग - बलबीर माधोपुरी
   

- ऊपर

  उदास वक़्त में मैंने - सुरजीत पात्तर
मेरी कविता - सुरजीत पात्तर
   

- ऊपर

     
   

- ऊपर

     
   

- ऊपर

   

- ऊपर

नसल - डॉ. सुखपाल सिंह
नाथों का उत्सव -विशाल
   
   

माँ बताती है - बलबीर माधोपुरी
मेरा बुजु़र्ग - बलबीर माधोपुरी

मेरी कविता- सुरजीत पातर 
   

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  रोशनी - अमृता प्रीतम  
   

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श-ष
वह पौधा- डॉ. सुखपाल सिंह सिकुड़ता बिन्द - बलबीर माधोपुरी
सुराख़दार थाली - बशीर अतहर
   

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क्ष त्र
हिलोर- डॉ. सुखपाल सिंह    
   

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ज्ञ श्र-श्रृ
     
   

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