अन्तरजाल पर आपकी मासिक पत्रिका

अन्तरजाल पर साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली
वर्ष: 10, अंक 104,  फरवरी प्रथम अंक, 2016
ISSN 2292-9754

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्य कुंज में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्य कुंज टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।
सम्पादक:- सुमन कुमार घई; साहित्यिक परामर्श:- डॉ. शैलजा सक्सेना; सहायता - विजय विक्रान्त; संरक्षक - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश

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सम्पादकीय: साहित्य का व्यवसाय

दैनिक भाषा में दिन-ब-दिन बढ़ती अश्लीलता, बौद्धिक दिवालियेपन का द्योतक है। पश्चिमी साहित्य तो इस गर्त में समा ही रहा है, भारतीय "आधुनिक समाज" की दैनिक भाषा में विदेशी गालियाँ इस तरह से घर कर रही हैं कि उनके बिना वाक्य पूरा होता ही नहीं .... पूरा पढ़िए

इस अंक में कहानियाँ -
पश्चाताप
अमरेन्द्र सुमन
दुबे जी
कुमार गौरव
बिना टिकट
बृजमोहन गौड़
हास्य - व्यंग्य - बाल साहित्य - लघु कथा -
छोटे बच्चे - भारी बस्ते - हरि जोशी
मिक्सिंग, फिक्सिंग और क्या?? - :डॉ. अशोक गौतम
आर्ट आफ टार्चरिंग - तारकेश कुमार ओझा
पत्नी की मिडिल क्लास, "मंगल-परीक्षा" - सुशील यादव
बाल कविताएँ - 3, बाल कविताएँ - 4 - रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'
दादी का जन्म दिवस - प्रभुदयाल श्रीवास्तव
इच्छा (व्यंग्य) - अवधेश कुमार झा
इमारत जो ढह गई - यतेन्द्र सिंह
वह युवक, सोच, वो सम्मान - शबनम शर्मा
भगवान भला करें, आबरू, लड़का बना दो - अमित राज ‘अमित’
लोक कथा -

बहेलिया और कबूतरी - डॉ. रश्मि शील

आलेख शृंखला - साहित्य और सिनेमा -  शोध निबन्ध -  
इसी बहाने से-
मित्रों, एक लम्बे अरसे से किसी बहाने से साहित्य चर्चा नहीं कर पाई। इस बीच कुछ लिखा, कुछ पढ़ा और बहुत सा सोचा...

कविता, तू कहाँ-कहाँ रहती है? - डॉ. शैलजा सक्सेना

युद्धबंदी सैनिकों के स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की अनूठी कहानी :
"द ब्रिज ऑन द रिवर क्वाई"

डॉ. एम वेंकटेश्वर
वेदों में संगीत तत्व एवं उसकी वर्तमान उपादेयता - डॉ. अशोक दत्त नौटियाल
भारतीय संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में नाट्यशास्त्र प्रतिपादित वस्त्राभूषण - रामकेश्वर तिवारी
नाटक की संप्रेषणीयता में रंगभाषा का महत्व - विकास वर्मा
भारतीय भाषाओं का हिंदी में अनुवाद : स्वप्न और संकट (गुजराती के संदर्भ में) - डॉ. नयना डेलीवाला
आलेख - निबन्ध -  अनूदित साहित्य
भाषा एक संस्कार है
रामेश्वर काम्बोज "हिमाँशु"

वो बल्ख न बुखारे
बी.एन. गोयल
आदिवासी जीवन संघर्ष का मूल कारण "अशिक्षा"
("टीस" कहानी के आधार पर)
डॉ. एलोक शर्मा*
आशीष कुमार गुप्ता**

मदहोश - 1
लेखक: बलराज सिद्धू
 अनुवाद: सुभाष नीरव
कविताएँ - शायरी -
तीर्थयात्रा, मियाँ बताओ, तो कितना अच्छा होता!, दरवाज़े - जयप्रकाश मानस
गंगा - डॉ. आराधना श्रीवास्तवा
तवायफ़, टीस, छद्माभिमान, ऊष्मा, 2015, 2016 - योगेश कुमार ध्यानी
निशारम्भ, ज़िंन्दगी - एस.के. गुडेसर
माहिया, मन का कैनवास, ज़िन्दगी, पहले सपने, दोहे -  मंजूषा "मन"
मधुर मिलन, डाल, विनाश और रचना, पानी की दीवार, हृदय के विचार - नवल पाल प्रभाकर
मोबाईल, तुमसे बात करना, तेरी उदासी का सबब जानता हूँ, ब्रूउट्स यू टू, मैंने कुछ गालियाँ सीखी हैं - डॉ. मनीषकुमार सी. मिश्रा
भीतर का ठहराव, बाज़ार - मनोज चौहान
बस अच्छे ही लोग मिले - दिनेश कुमार
ठिठुरी कविता - सविता अग्रवाल ’सवि’
सुबह की धूप - अशोक बाबू माहौर
पिताजी आज भी पैसे बचाते हैं - अवधेश कुमार झा
"आपने क्या कभी ख़याल किया", हार किसी को भी स्वीकार....., बाज़ार मैं बैठे मगर, ग़रीबों को फ़क़त, उपदेश..., जो व्यवस्था भ्रष्ट हो - महावीर उत्तरांचली
यूँ आप नेक-नीयत, तेरी दुनिया नई नई है क्या, शहर में ये कैसा धुँआ हो गया, बिना कुछ कहे सब अता हो गया, समझौते की कुछ सूरत देखो - सुशील यादव
कौन मरना चाहता है - डॉ. अनिल चड्डा
पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा- 

कविता के पक्ष में प्रबल दावेदारी
डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा

भारतीय मुस्लिम परिवार में जन्मी स्त्री के शोषण और संघर्ष की आत्मकथा : "दर्द जो सहा मैंने"
डॉ. एम वेंकटेश्वर

समय की धार पर अकुलाए शब्द
आरसी चौहान
यात्रा संस्मरण - संस्मरण/आबीती-  संकलन -
डायरी के पन्ने
कनाडा सफ़र के अजब अनूठे रंग
07_मिसेज़ खान का संघर्ष
सुधा भार्गव
आँखों देखा ईरान
03
मूल लेखक: प्रो. अमृतलाल “इशरत”
अनुवादक: राजेश सरकार
इस अंक में
महादेवी वर्मा
डॉ. हरिवंश राय बच्चन
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
त्रिलोचन शास्त्री
नागार्जुन
ई - पुस्तकालय - (इस स्तम्भ के अन्तर्गत पुस्तकों का प्रकाशन धारावाहिक रूप में होगा)

भीगे पंख
लेखक : महेश द्विवेदी
मोहित और सतिया /चार/
 
शकुन्तला
इस अंक में चतुर्थ सर्ग - प्रमोद ६ महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश
(अगले अंक से)
साहित्यिक समाचार -

"मेरा मन मेरे रंग" में रँगा बालमन
पल्लव

अवनीश सिंह चौहान को "शकुंतला प्रकाश गुप्ता साहित्य विभूति सम्मान"

"और कितने टुकड़े" (कहानी संग्रह) का विमोचन
सूचना - साहित्य संगम -
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