अन्तरजाल पर आपकी मासिक पत्रिका

अन्तरजाल पर साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली
वर्ष: 10, अंक 98,  फरवरी प्रथम अंक, 2015

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्य कुंज में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्य कुंज टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।
सम्पादक:- सुमन कुमार घई; साहित्यिक परामर्श:- डॉ. शैलजा सक्सेना; सहायता - विजय विक्रान्त; संरक्षक - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश

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सम्पादकीय:
बरसों से साहित्य कुंज का प्रकाशन करता आ रहा हूँ परन्तु एक बार भी संपादकीय लिखने के बारे में सोचा ही नहीं, हालाँकि समय-समय पर मित्र इस स्तंभ के लिए प्रोत्साहित करते और उकसाते रहे हैं। इस अंक से अन्ततः आरम्भ कर रहा हूँ। इसका एक कारण हिन्दी की पुस्तकों का "ई-बुक" के स्वरूप में प्रकाशन के बारे में अपने विचारों को.... आगे पढ़िए

इस अंक में कहानियाँ -
फेसबुक
राजेश कुमार श्रीवास्तव
कमाऊ पूत
मुरारी गुप्ता
नानी तुमने कभी प्यार किया था? - २
महेश रौतेला
हास्य - व्यंग्य - बाल साहित्य - लघु कथा -
जंगल विभाग - सुशील यादव
रसगुल्लों के प्राण - अजय चन्देल
जायें तो जायें कहाँ? - अशोक परुथी "मतवाला"
आसमानी आफ़त - ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’
अनोखा संत - रमेश ‘आचार्य’
वो तस्वीर - उषा बंसल
ईश्वर की विडम्बना - भूपेंद्र कुमार दवे
बेटा कौन?, कैसे कैसे चोर, केनवास, रंगे-हाथ - सपना मांगलिक
धैर्य की विजय - सविता अग्रवाल ’सवि’
आलेख - साहित्य और सिनेमा -  शोध निबन्ध -  

संत रविदास : सामाजिक परिप्रेक्ष्य में एक विवेचना - डॉ. मनीषकुमार सी. मिश्रा

दासप्रथा का प्रथम क्रांतिकारी विद्रोही - ‘स्पार्टाकस’
डॉ. एम वेंकटेश्वर
महाभारत: एक सर्जनात्मक महाकाव्य
छोटे लाल गुप्ता
मन्नु भंडारी की कहानियाँ में संवेदना
डॉ. राजकुमारी शर्मा
सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों में उत्तर आधुनिकता बोध
डॉ. गोपीराम शर्मा
साहित्यिक निबन्ध - नाटक -  अनूदित साहित्य
भोजपुरी लोकगीतों में नारी की प्रासंगिकता
केशव मोहन पाण्डेय
सिसकती धारायें
गीतांजलि गीत
जीवन और मेरी संदूकची, साथ छूटा, स्वप्न रूठे - अनुवाक राघवेन्द्र पांडेय
(मूल लेखिका विद्या पणिकर)
कविताएँ - शायरी -
नए साल को, ज़िंदगी-ज़िंदगी, आज फिर बाहर चाँदी बिछी है - डॉ. अमिता शर्मा
वर्ष कहाँ चला गया है - महेश रौतेला
नव वर्ष स्वागतम् (2015), भूखा हूँ माँ! - रामकेश्वर तिवारी
शांत रुदन - दीपक कुमार ‘पुष्प’
जीवन में बसंत - डॉ. शोभा श्रीवास्तव
रो रही हस्तिनापुरी, कौन हो तुम चोर! - राघवेन्द्र पाण्डेय ‘राघव’
शब्द गुम होते गए, ये निरा अकेलापन, सच कहता हूँ - विजय प्रताप "आँसू"
नज़रिया, जियो और जीने दो - परी एम. 'श्लोक'
विसंगतियाँ, शब्दों के संकेत - आचार्य बलवन्त
तुम्हारे देश का मातम, लिखने तो दे...., सपनों की फसल, हिमपात - डॉ. शैलजा सक्सेना
वसुंधरा - वीणा पांडे
अपनी तो बीत गई - ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’
बसंत - तांका, हाइकु और हाइगा - मंजु महिमा भटनागर
प्रश्न करने लग गई निशिगन्ध, होगी किस घड़ी फिर रुत सुहानी - राकेश खण्डेलवाल
स्वामी विवेकानन्द जयन्ती, चिड़िया और मैं - शकुन्तला बहादुर
बेटी, मौन - श्वेता मिश्र
कर्ज़ - प्रवीण शर्मा
मैं धरा! - अनुपमा तिवाड़ी
अपने आँचल में ही छुपा ले माँ - शिवशंकर यादव
कभी रातों को वो जागे..., बदली निगाहें वक़्त की..., वक़्त के साँचे में ढल कर... - देवमणि पांडेय
मैं भी गुम माज़ी में था - प्रखर मालवीय "कान्हा"
कैसे बताऊँ कि वो कितने ख़ास में है, काम ख़त्म कर लूँ सभी, नहीं सीने में दिल मेरा- सपना मांगलिक
पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा- 

बारहमासा (हाइकु – संग्रह) : उच्च सौंदर्य-बोध की प्रस्तुति 
डॉ. सुधा गुप्ता

कविता में कवि नरेंद्र मोदी का रचनात्मक सफ़र
देवमणि पांडेय

ज़िंदगी की आँच में तपे हुए मन की अभिव्यक्ति
इला प्रसाद

केंद्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल के उपाध्यक्ष : प्रेमचंद साहित्य के समर्पित आचार्य ’डॉ. कमल किशोर गोयनका’
डॉ. एम वेंकटेश्वर

वंचित संवेदना के साहित्य पर ग्रंथ-त्रयी
डॉ. ऋषभदेव शर्मा

लौ दर्दे-दिल की (ग़ज़ल संग्रह) - देवी नागरानी 
गोवर्धन यादव
यात्रा संस्मरण - संस्मरण-  संकलन -
Kailash
कैलाश-मानसरोवर यात्रा - प्रेमलता पांडे
अट्ठाइसवाँ दिन - 01/7/2010
उनतीसवाँ दिन - 02/7/2010

समापन
सरहदें
मधु शर्मा, बरमिंघम

अगले अंक से
सुधा भार्गव
की संस्मरण शृंखला -
कनाडा सफर के अजब अनूठे रंग
इस अंक में
महादेवी वर्मा
डॉ. हरिवंश राय बच्चन
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
त्रिलोचन शास्त्री
नागार्जुन
ई - पुस्तकालय - (इस स्तम्भ के अन्तर्गत पुस्तकों का प्रकाशन धारावाहिक रूप में होगा)

भीगे पंख
लेखक : महेश द्विवेदी
सतिया का जन्म - 2
 
शकुन्तला
इस अंक में चतुर्थ सर्ग - प्रमोद ६ महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश
(अगले अंक से)
साहित्यिक समाचार -

विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मलेन नागपुर में संवेदनाओ के स्वर काव्य संग्रह का लोकार्पण
मनोज कुमार शुक्ला

श्री मधु आचार्य आशावादी की दो पुस्तकों का विमोचन
सुनील गज्जाणी

वह दिन दूर नहीं जब विश्व के आँगन में हिंदी 'तुलसी चौरा' की तरह अवश्य स्थापित होगी - मृदुला सिन्हा 
प्रेषक : डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा

सिन्धी कहानियों का लोकार्पण व विश्व हिन्दी सेवा सम्मान
देवी नागरानी

शाह अब्दुल लतीफ़ सेमिनार-दिल्ली में सम्पन्न
देवी नागरानी
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