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की विश्राम-स्थली वर्ष: 8 अंक 79, मई 01, 2012 |
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सर्वाधिकार सुरक्षित सम्पादक:- सुमन कुमार घई; साहित्यिक परामर्श:- डॉ. शैलजा सक्सेना; सहायता - विजय विक्रान्त; संरक्षक - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश |
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संकलन इ-पुस्तकालय साहित्यिक-चर्चा साहित्यिक-समाचार शायरी शायर बाल साहित्य हिन्दी ब्लॉग पुस्तक समीक्षा / पुस्तक चर्चा हिन्दी डाउनलोड करें IF YOU HAVE PROBLEM READING HINDI इस अंक में पिछला अंक पिछला माह |
| इस अंक में — | ||
| कहानियाँ - | ||
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फीनिक्स |
तपती
रेत डॉ. ज़ेबा रशीद |
अब बस और नहीं सरिता बरारा |
| हास्य - व्यंग्य - | बाल साहित्य - | लघु कथा - |
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बुद्धिमान शिष्य - बाल-कहानी -
डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा ’अरुण’ उपवन के फूल - त्रिलोक सिंह ठकुरेला |
ईश्वर के साथ का सफ़र,
ईश्वर की कार्यप्रणाली -
भूपेंद्र कुमार दवे बचत - प्रभुदयाल श्रीवास्तव |
| आलेख - | ललित निबन्ध - | चक्रव्यूह - (अभिमन्यु संघर्ष शृंखला..) |
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महादेवी वर्मा की शृंखला की कड़ियों में स्त्री विमर्श की अवधारणा एवम चिंतन
परम्परा -
डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव |
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| साहित्यिक निबन्ध - | आलेख (सामाजिक चिन्तन) - | सूचना - |
![]() उर्दू के खु़दा-ए-सुख़न - ‘मीर’ - चंद्र मौलेश्वर प्रसाद |
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| कविताएँ - | शायरी - | |
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प्रकृति
से दूर -
भारतीय दीवारें, कोई संवाद शेष है, कौतूहल, मैं हूँ न तथागत - अपर्णा भटनागर नारीत्व - एक गाली - डॉ. प्रतिभा सक्सेना कैसे जानूँ अभिलाषा मन की, ज़िन्दगी थकी न थी...- भूपेंद्र कुमार दवे गधे का दुख, कविता की सरिता बहने दे - इन्दु शर्मा गरीबी में, कृष्ण पुकार - अवनीश एस. तिवारी |
बदला,
पत्र,
जयंती या पुण्य तिथि - प्रभुदयाल श्रीवास्तव ईद का मेला, तिलचट्टा, पत्नी और मैं, पहाड़ और पीठ, बर्फ के गोले - मुकेश श्रीवास्तव दोहे - धरम के - कवि कुलवंत सिंह चार हाइकु - सविता अग्रवाल ’सवि’ |
रास्ता किस जगह नहीं होता,
तुम क्या आना जाना भूले,
चाहे जिससे भी वास्ता रखना,
हँसती गाती तबीयत रखिये -
हस्तीमल ’हस्ती’ जज़्बात दिल में अगर, बेबसी - श्यामल सुमन |
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